राजग विधायक दल के नेता वाई खेमचंद सिंह ने मणिपुर में सरकार बनाने का दावा पेश किया
सुरेश
- 04 Feb 2026, 03:39 PM
- Updated: 03:39 PM
(फोटो के साथ)
इंफाल, चार फरवरी (भाषा) राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) विधायक दल के नेता वाई खेमचंद सिंह ने बुधवार को मणिपुर में सरकार बनाने का दावा पेश किया। भाजपा की मणिपुर इकाई की अध्यक्ष ए. शरद देवी ने यह जानकारी दी।
अशांत मणिपुर में पिछले साल फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू है।
देवी ने बताया कि सिंह के नेतृत्व में राजग की एक टीम ने यहां लोक भवन में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया।
राज्यपाल के आवास पर भल्ला से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में चुराचांदपुर और फेरजॉल के कुकी-जो बहुल जिलों के दो विधायक शामिल थे।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश अध्यक्ष ने पत्रकारों से कहा, ''हमने अपने नवनिर्वाचित विधायक दल के नेता वाई खेमचंद सिंह और भाजपा पर्यवेक्षक तरुण चुघ की मौजूदगी में राज्यपाल से मुलाकात की। राजग ने राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया।''
खेमचंद ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ''नयी दिल्ली से आने के बाद आज लोक भवन में माननीय राज्यपाल श्री अजय कुमार भल्ला जी के समक्ष नयी सरकार बनाने का दावा पेश करते हुए मुझे खुशी हो रही है। इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव श्री तरुण चुघ जी और भाजपा के पूर्वोत्तर समन्वयक श्री संबित पात्रा जी भी उपस्थित थे।''
मणिपुर की भाजपा विधायक दल द्वारा नयी दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक बैठक में 62-वर्षीय सिंह को अपना नेता चुने जाने के एक दिन बाद यह घटनाक्रम सामने आया है।
इस बैठक में भाजपा के 37 में से 35 विधायकों के अलावा पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक तरुण चुघ, पूर्वोत्तर प्रभारी संबित पात्रा और भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष ए शारदा देवी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
इसके बाद राष्ट्रीय राजधानी में मणिपुर भवन में एक और बैठक आयोजित की गई जिसमें मणिपुर में राजग के घटक दल नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के छह, नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के पांच और तीन निर्दलीय विधायक तथा भाजपा के विधायक उपस्थित थे।
उन्होंने सिंह को राजग विधायक दल का नेता और कुकी समुदाय से ताल्लुक रखने वाले नेमचा किपगेन को राजग विधायक दल के उपनेता के रूप में समर्थन दिया।
सिंह ने कहा, ''शपथ ग्रहण समारोह शीघ्र ही होगा। मुझे विश्वास है कि नए मंत्रिपरिषद के गठन के साथ ही शांति और विकास नयी सरकार का मार्गदर्शन करने वाले सिद्धांत बनेंगे।''
सिंगजामेई के विधायक ने यह भी कहा, ''विकसित भारत और विकसित मणिपुर के दृष्टिकोण को हासिल करने की दिशा में राजनीतिक यात्रा चुनौतियों से भरी है, लेकिन हमारी प्राथमिकताएं इन महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध रहेंगी। मुझ पर विश्वास, जिम्मेदारी और सम्मान जताने के लिए मैं सभी का दिल से आभार व्यक्त करता हूं।''
मणिपुर के पर्वतीय जिलों में बहुसंख्यक मेइती समुदाय के अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मांग के विरोध में आदिवासी एकजुटता मार्च निकाले जाने के बाद राज्य में तीन मई, 2023 से जातीय हिंसा जारी है।
तब से जारी जातीय हिंसा में कुकी और मेइती समुदाय के सदस्यों के साथ-साथ सुरक्षाकर्मियों सहित कम से कम 260 लोग मारे गए हैं, जबकि हजारों लोग बेघर हो गए हैं। राज्य में पिछले साल फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू है।
भाषा सुरभि सुरेश
सुरेश
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