राज्यसभा में भाजपा सदस्यों ने आंतरिक सुरक्षा पर सरकार के रुख की सराहना की
राजकुमार
- 03 Feb 2026, 11:11 PM
- Updated: 11:11 PM
नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) राज्यसभा में मंगलवार को भाजपा सदस्यों ने आंतरिक सुरक्षा मुद्दे पर नरेन्द्र मोदी सरकार के रुख, नक्सलवाद को समाप्त करने के संकल्प और उपेक्षित एवं वंचित लोगों के कल्याण के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों की प्रशंसा की।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा सदस्य दीपक प्रकाश ने पूर्व की कांग्रेस सरकारों पर नक्सलवाद को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ''सब जानते हैं कि किस सरकार ने नक्सलवाद को संरक्षण दिया। उन्होंने खाद और पानी देकर इस विषैले पेड़ को पनपने में मदद की। परिणामस्वरूप, उनके कार्यकाल में 126 जिले नक्सलवाद से प्रभावित हुए... आज नक्सलवाद तीन जिलों तक सीमित रह गया है और इसका पूरा श्रेय नरेन्द्र मोदी और अमित शाह को जाता है।''
मनोनीत सदस्य उज्ज्वल देवराव निकम ने कहा, ''आज भारत आंतरिक सुरक्षा और प्रमुख नीतिगत मामलों में इंतजार नहीं करता, बल्कि निर्णय लेता है।''
निकम ने कहा, ''कुछ लोगों ने संविधान को राजनीतिक ढाल के रूप में इस्तेमाल किया। लेकिन इस सरकार ने संविधान को शासन के केंद्र में रखा है... 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। यह संख्याओं का खेल नहीं है। इस सफलता की कुंजी इरादे, नीति और नेतृत्व में निहित है।''
निकम ने कहा कि देश में सुधार ''डर के माध्यम से नहीं, बल्कि विश्वास के आधार पर'' लाए गए हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा इस वर्ष मार्च तक देश से वामपंथी उग्रवाद समाप्त करने की घोषणा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी माओवादियों के लाल झंडे और हथियार दिखते थे, वहां अब तिरंगा लहरा रहा है।
प्रसिद्ध वकील निकम ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और 'डीपफेक' के दुरुपयोग से उत्पन्न खतरों पर भी चिंता जताई।
भाजपा सदस्य गीता उर्फ चंद्रप्रभा ने कहा कि देश ने पिछले 11 वर्ष में अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने कहा, ''आज भारत की आवाज पूरी दुनिया में बुलंद है।''
मनोनीत सदस्य हर्षवर्धन श्रृंगला ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के बीच का व्यापार दोगुना हो जाएगा और अगले कुछ वर्षों में 500 अरब अमेरिकी डॉलर का लक्ष्य हासिल हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह हमारी विदेश नीति और हमारी अर्थव्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है।
पूर्व विदेश सचिव श्रृंगला ने कहा कि इस समझौते में समय लगा क्योंकि कृषि और दुग्ध क्षेत्र को सुरक्षित रखने की आवश्यकता थी।
श्रृंगला ने कहा कि पिछले महीने यूरोपीय संघ के साथ हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौता और भारत-अमेरिका व्यापार समझौता से भारतीय निर्यातकों की पहुंच एक बड़े बाजार तक हो जाएगी।
भाषा अविनाश राजकुमार
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