फिलीपीन में 350 से अधिक यात्रियों को ले जा रही नौका डूबी, कम से कम 18 लोगों की मौत
नेत्रपाल
- 26 Jan 2026, 09:41 PM
- Updated: 09:41 PM
मनीला, 26 जनवरी (एपी) दक्षिणी फिलीपीन के एक द्वीप के पास सोमवार तड़के 350 से अधिक लोगों को ले जा रही एक नौका डूब गई, जिसमें कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई। बचाव दल ने 316 लोगों को बचा लिया, जबकि तटरक्षक बल और नौसेना के जहाजों का एक बेड़ा लापता लोगों की तलाश कर रहा है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
बचाए गए यात्रियों में से एक मोहम्मद खान ने बताया कि नौका अचानक एक तरफ झुक गई और उसमें पानी भर गया, जिससे लोग अंधेरे में समुद्र में गिर पड़े। उसने कहा कि नौका में वह और उसकी पत्नी भी थी जो अपने छह महीने के बच्चे को गोद में लिए हुए थी। खान ने कहा कि उसे और उसकी पत्नी को बचा लिया गया, लेकिन उनका बच्चा डूब गया।
खान ने बचावकर्मी गमर अलीह से कहा, ''मेरी पत्नी के हाथों से हमारा बच्चा छूट गया और हम सभी समुद्र में अलग हो गए।'' अलीह ने खान की टिप्पणियों का एक वीडियो फेसबुक पर पोस्ट किया।
तटरक्षक बल के कमांडर रोमेल दुआ ने 'एसोसिएटेड प्रेस' को बताया कि एम/वी त्रिशा केरस्टिन-3 नौका अच्छे मौसम में जाम्बोआंगा बंदरगाह शहर से सुलू प्रांत के दक्षिणी जोलो द्वीप की ओर 332 यात्रियों और चालक दल के 27 सदस्यों के साथ रवाना हुई थी, जो बासिलन प्रांत के बालुक-बालुक गांव से लगभग एक समुद्री मील (लगभग दो किलोमीटर) दूर डूब गई।
दुआ ने कहा, ''नौका पर तटरक्षक बल के दो सुरक्षा अधिकारी सवार थे और उन्होंने ही सबसे पहले फोन करके हमें बचाव नौकाएं तैनात करने के लिए सतर्क किया।'' उन्होंने बताया कि दोनों सुरक्षा अधिकारी बच गए।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने बताया कि बचाव दल ने कम से कम 316 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को बचा लिया तथा 18 शव बरामद किए।
रोमेल दुआ ने बताया कि तटरक्षक बल और नौसेना के जहाज, एक निगरानी विमान, वायुसेना का एक ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और मछली पकड़ने वाली नौकाओं का बेड़ा बासिलान के तट पर खोज और बचाव अभियान चला रहे हैं।
जहां नौका डूबी, उसके पास स्थित द्वीपीय प्रांत बासिलान के गवर्नर मुजीव हातामन ने बताया कि यात्रियों और दो शवों को प्रांतीय राजधानी इसाबेला ले जाया गया है।
दुआ ने बताया कि अभी नौका डूबने की वजह पता नहीं चली है और घटना की जांच की जाएगी।
फिलीपीन द्वीपसमूह में समुद्री दुर्घटनाएं आम हैं, जिनका कारण अक्सर भीषण तूफान, नौकाओं का खराब रखरखाव, अत्यधिक भीड़ और सुरक्षा नियमों के क्रियान्वयन में शिथिलता को माना जाता है।
एपी
शुभम नेत्रपाल
नेत्रपाल
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