राजस्थान में हर्षोल्लास के साथ से मनाया गया गणतंत्र दिवस
जोहेब
- 26 Jan 2026, 06:21 PM
- Updated: 06:21 PM
जयपुर, 26 जनवरी (भाषा) राजस्थान में सोमवार को पारंपरिक उत्साह के साथ 77वां गणतंत्र दिवस मनाया गया। इस दौरान राज्य के शिक्षण संस्थानों व सरकारी भवनों में तिरंगा फहराया गया और संस्कृति व देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए।
जयपुर के एसएमएस स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने ध्वजारोहण किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी अलग-अलग जगह गणतंत्र दिवस समारोहों में भाग लिया। राज्यपाल बागडे ने तिरंगा फहराने के बाद परेड का निरीक्षण किया और 'गार्ड
ऑफ ऑनर' लिया।
उन्होंने अपने संबोधन में "विकसित भारत- विकसित राजस्थान" बनाने में सभी से सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस ''हमें हमारे संविधान की महान परंपरा, उसके मूल तत्व और उसके आदर्शों में अटूट आस्था व्यक्त करने का अवसर है।''
इससे पहले दिन में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अमर जवान ज्योति पर पुष्पांजलि अर्पित करके राष्ट्र के लिए प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।
शहर की बड़ी चौपड़ पर तिरंगा फहराने के बाद समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और शीघ्र ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में 'डबल इंजन' की सरकार पानी, बिजली, सड़क व अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विकास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में हम सभी को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा, "प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता ने युवाओं का विश्वास बहाल किया है।'
वहीं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी बड़ी चौपड़ पर पार्टी की ओर से आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में भारत को "महान व खूबसूरत गणतंत्र" बताया जिसमें सभी जाति व संप्रदाय के लोगों को समानता का अधिकार प्राप्त है।
हालांकि उन्होंने सत्ताधारी भाजपा पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग संविधान को कमजोर कर रहे हैं।
जूली ने कहा, "जो लोग संविधान की वजह से सत्ता में आए हैं, वही आज संविधान को कमजोर करने की बात कर रहे हैं।"
दौसा में जिला स्तरीय समारोह में मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने वीरांगनाओं को सम्मानित किया और उनके पैर छुए।
भाषा पृथ्वी जोहेब
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2601 1821 जयपुर