मेघालय में एचएनएलसी के हथियार और गोला-बारूद जब्त किए गए
प्रीति मनीषा अविनाश
- 14 Mar 2024, 03:28 PM
- Updated: 03:28 PM
शिलांग, 14 मार्च (भाषा) मेघालय के री-भोई जिले में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन हाइनीवट्रेप नेशनल लिबरेशन काउंसिल (एचएनएलसी) संगठन के हथियार और गोला-बारूद जब्त किए गए हैं। पुलिस ने यह जानकारी दी।
एचएनएलसी संगठन से जुड़े चार लोगों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर पुलिस ने हथियार और गोला-बारूद बरामद किए हैं। इन चारों को पुलिस ने शिलांग के विवादित पंजाबी लेन इलाके में ‘आईईडी’ विस्फोट के सिलसिले में गिरफ्तार किया था।
पुलिस अधीक्षक जगपाल धनोआ सिंह ने पीटीआई-भाषा को बताया, ''बुधवार को री-भोई जिले में एचएनएलसी के झंडे के साथ हथियार, जिलेटिन की छड़ें, विस्फोटक आदि बरामद किए गए।
शनिवार रात पंजाबी लेन इलाके में हुए विस्फोट में कम से कम एक व्यक्ति घायल हो गया।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सोमवार को गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों ने बांग्लादेश स्थित अपने आकाओं के निर्देशों के अनुसार इस हमले को अंजाम दिया था।
विस्फोट में शामिल होने के आरोप में रविवार की रात हाइनीवट्रेप नेशनल यूथ फ्रंट के एक नेता सहित दो अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया था।
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने पंजाबी लेन इलाके में हुए विस्फोट में शामिल आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था।
उन्होंने कहा था कि इस हमले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
विवादित पंजाबी लेन में रहने वाले सिखों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को हाल ही में एक पत्र लिखकर दावा किया कि यह विस्फोट उन्हें नगर निकाय की भूमि पर स्थानांतरित करने के उद्देश्य से की जा रही बातचीत को बाधित करने के लिए किया गया था।
एक बस ड्राइवर पर साल 2018 में सिखों द्वारा कथित तौर पर हमला किए जाने के बाद इलाके में हिंसा भड़क गई थी और करीब एक महीने तक कर्फ्यू लगा रहा था।
इलाके में हिंसा भड़क जाने के बाद सरकार ने इन सिखों को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की पेशकश की थी। लगभग 200 साल पहले, ब्रिटिश शासकों ने सफाई से जुड़े काम के लिए सिखों को शिलांग लाया था।
सिखों को सरकार का प्रस्ताव पहले मंजूर नहीं था। हालांकि, बाद में वे इसके लिए सहमत हो गए लेकिन उन्होंने मांग की कि उनके घरों के निर्माण का सारा खर्च सरकार उठाए।
भाषा
प्रीति मनीषा