‘सिख विरोधी’ टिप्पणियों के लिए मान को अकाल तख्त सचिवालय के समक्ष तलब किया गया
नेत्रपाल दिलीप
- 05 Jan 2026, 09:21 PM
- Updated: 09:21 PM
अमृतसर, पांच जनवरी (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को उनके कथित ‘‘सिख विरोधी’’ बयानों के संबंध में 15 जनवरी को अकाल तख्त सचिवालय के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया गया है।
अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने सोमवार को उन्हें ‘गुरु की गोलक’ (गुरुद्वारे की दान पेटी) पर कथित टिप्पणी करने और ‘‘सिख गुरुओं’’ तथा मारे गए उग्रवादी जरनैल सिंह भिंडरावाले की तस्वीरों के संदर्भ में ‘‘आपत्तिजनक गतिविधियों’’ में लिप्त होने के आरोप में तलब किया।
सिखों की सर्वोच्च धार्मिक पीठ के जत्थेदार ने कहा कि मान ने जानबूझकर सिख विरोधी मानसिकता व्यक्त की और कमाई का 10 प्रतिशत दान करने के सिद्धांत के खिलाफ बार-बार ‘‘आपत्तिजनक’’ टिप्पणियां कीं।
सुरजीत सिंह बरनाला के बाद, जिन्हें 1980 के दशक में अकाल तख्त द्वारा तलब किया गया था, मान पंजाब के दूसरे मौजूदा मुख्यमंत्री हैं, जिन्हें इस कार्रवाई का सामना करना पड़ा है।
गड़गज ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र पढ़कर सुनाते हुए कहा, ‘‘हाल ही में आपके कुछ आपत्तिजनक वीडियो सामने आए हैं, जिनमें आपको सिख गुरु साहिबान और जरनैल सिंह भिंडरावाले की तस्वीरों के संदर्भ में बेहद आपत्तिजनक गतिविधियां करते हुए देखा जा रहा है।’’
उन्होंने कहा कि मान के ‘‘सिख विरोधी’’ बयान उनकी सत्ता के अहंकार को दर्शाते हैं।
इस बीच, मान ने कहा कि वह अकाल तख्त के निर्देश का पालन करेंगे।
उन्होंने ‘एक्स’ पर पंजाबी में एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैं मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि नंगे पैर चलने वाले एक विनम्र सिख के रूप में दिखाई दूंगा।’’
मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि वह यहां गुरु नानक देव विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले एक सम्मेलन में भाग नहीं ले पाएंगे, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के शामिल होने का कार्यक्रम है।
मान ने कहा, ‘‘15 जनवरी को देश की महामहिम राष्ट्रपति अमृतसर स्थित गुरु नानक देव विश्वविद्यालय में सम्मेलन में भाग लेने आ रही हैं। मैं उस दिन के लिए भी क्षमा चाहता हूं, क्योंकि मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण श्री अकाल तख्त साहिब है।’’
इस बीच, गड़गज ने जोर देकर कहा कि अकाल तख्त वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराएगा और अगर यह प्रामाणिक पाया जाता है, तो पंथिक परंपराओं के अनुसार मान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भाषा नेत्रपाल