अदालत ने इंडिया गेट पर विरोध प्रदर्शन मामले में छह आरोपियों को जमानत दी
संतोष पवनेश
- 26 Dec 2025, 09:03 PM
- Updated: 09:03 PM
नयी दिल्ली, 26 दिसंबर (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को कर्तव्य पथ पर किए गए एक विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में गिरफ्तार छह प्रदर्शनकारियों को यह कहते हुए जमानत दे दी कि आगे की जांच के लिए उन्हें हिरासत में रखने की जरूरत नहीं है। आरोप है कि मारे जा चुके माओवादी कमांडर माडवी हिडमा के समर्थन में इस प्रदर्शन के दौरान नारे लगाए गए थे।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित बंसल ने इलाकिया, आयशा वफिया, रवजोत कौर, गुरकीरत कौर, अभिनाश सत्यपथी और क्रांति की जमानत याचिका पर सुनवाई की।
अदालत ने कहा, ‘‘आवेदक (सभी छह आरोपी) पहले ही लगभग एक-एक महीने से हिरासत में हैं, और प्रस्तुत दलीलों से यह प्रतीत होता है कि अब आगे की जांच के लिए उन्हें हिरासत में रखने की आवश्यकता नहीं है।’’
अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से ऐसा कोई ठोस कारण नहीं बताया गया है जिससे यह लगे कि गवाहों को प्रभावित किये जाने का खतरा है,या फिर आरोपियों के भाग जाने का जोखिम है।
यह भी कहा कि आरोपी व्यक्तियों में से कोई भी प्रतिबंधित माओवादी छात्र संगठन ‘रेडिकल स्टूडेंट यूनियन’ का सदस्य नहीं था।
अदालत ने कहा, ‘‘जमानत अर्जियों के जवाब में अभियोजन का यह मामला नहीं है कि ‘भगत सिंह छात्र एकता मंच’ या हिमखंड (जिसके आवेदक सदस्य थे) कोई प्रतिबंधित समूह या संगठन है।
अदालत ने आरोपी व्यक्तियों को 50,000 रुपये का जमानती मुचलका भरने और इतनी राशि के जमानतदार प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
जमानत की दूसरी शर्तों में यह भी शामिल है कि आरोपी व्यक्ति भारत छोड़कर नहीं जाएंगे, सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करेंगे, जरूरत पड़ने पर जांच में शामिल होंगे और जब तक पुलिस आरोपपत्र दाखिल नहीं कर देती, तब तक हर दूसरे बुधवार को कर्तव्य पथ पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी के सामने पेश होंगे।
यह विरोध प्रदर्शन दिल्ली में 23 नवंबर को इंडिया गेट पर हुआ था, जिस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों पर हिडमा के समर्थन में नारे लगाने, सड़क जाम करने और उन्हें रोकने की कोशिश कर रही पुलिस पर ‘पेपर स्प्रे’ का इस्तेमाल करने का आरोप लगा था।
आरोप के मुताबिक आयशा वफिया मिधात ने एक सह-आरोपी अक्षय को ‘पेपर स्प्रे’ दिया, जिसने उसे कांस्टेबल ईशान्त के चेहरे पर 'स्प्रे' कर दिया, जिससे उसे मामूली चोटें आईं।
पुलिस के मुताबिक, संसद मार्ग और कर्तव्य पथ पुलिस थानों में दर्ज दो अलग-अलग मामलों में 23 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया था।
भाषा संतोष