दिल्ली में नकली लुब्रिकेंट ऑयल बनाने वाली फैक्टरी का भंडाफोड़, एक व्यक्ति गिरफ्तार
प्रचेता दिलीप
- 20 Dec 2025, 06:13 PM
- Updated: 06:13 PM
नयी दिल्ली, 20 दिसंबर (भाषा) पुलिस ने दिल्ली के उत्तर पूर्वी क्षेत्र में नकली लुब्रिकेंट ऑयल बनाने वाली एक बड़ी इकाई का भंडाफोड़ करते हुए 41 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। इस दौरान पुलिस ने नकली ब्रांडेड इंजन ऑयल, मशीनरी और पैकिंग सामग्री की एक बड़ी खेप जब्त की। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान शाहदरा के निवासी मनीष गुप्ता के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, 18 दिसंबर को कबीर नगर स्थित एक गोदाम में छापा मारा गया, जहां गुप्ता नकली लुब्रिकेंट ऑयल तैयार कर उसपर कैस्ट्रोल, टीवीएस और हीरो जैसे प्रतिष्ठित तेल ब्रांडों का लेबल लगाकर उसकी आपूर्ति कर रहा था, ये तेल वाहन के इंजन और उपभोक्ताओं के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा था।
पुलिस ने बताया कि गुप्ता बिना किसी अनुमति के इस इकाई का संचालन कर रहा था।
उन्होंने बताया कि पुलिस को खास खुफिया जानकारी मिली थी कि स्थानीय कच्चे लुब्रिकेंट ऑयल को ब्रांडेड ऑयल के खाली डिब्बों में भर कर उसे असली उत्पादों के रूप में बेचा जा रहा था। प्राप्त सूचना की जांच करने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की।
पुलिस ने बताया कि छापे के दौरान कैस्ट्रोल लिमिटेड कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि ने मौके पर आकर यह पुष्टि की कि जब्त किये गए उत्पाद नकली हैं।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि छापेमारी के दौरान इकाई में तीन मजदूर कच्चा तेल छानने, उसमें रंग मिलाकर बोतलों में भरने तथा नकली लेबल लगाकर उन्हें कंटेनरों में सील करते हुए पाए गए। इस दौरान आरोपी गुप्ता भी मौके पर पहुंचा और नकली लुब्रिकेंट ऑयल इकाई का संचालन करने की बात स्वीकार की।
पुलिस ने इस संबंध में 19 दिसंबर को कॉपीराइट अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और बाद में इसमें धोखाधड़ी से संबंधित धाराएं भी जोड़ी।
उन्होंने बताया कि गुप्ता को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। पूछताछ में गुप्ता ने बताया कि वह 2019 से 'केबीएस लुब्रिकेंट इंडिया' के नाम से नकली इंजन ऑयल बना रहा था।
गुप्ता ने दावा किया कि वह स्थानीय स्तर से 'बेस ऑयल' और 'ऐडिटिव्स'(रसायनिक पदार्थ) को मिलाकर प्रतिदिन लगभग 150 लीटर तेल तैयार करता था और उसे इस्तेमाल हुए या अनुपयोगी कंटेनरों में भरता था, जिस पर वह नकली ऑयल ब्रांड के लोगो, लेबल, बैच नंबर और होलोग्राम चिपकाता था।
पुलिस के अनुसार, ये नकली उत्पाद उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों में खुदरा दुकानों को सस्ते दामों पर बेचे जाते थे, जिससे गुप्ता को लगभग 50,000 रुपये प्रति माह का मुनाफा होता था। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि वह अक्सर पकड़े जाने से बचने के लिए तेल का भंडारण स्थान बदलता रहता था।
पुलिस के अनुसार, जब्ती में हजारों लीटर नकली लुब्रिकेंट ऑयल, सैकड़ों खाली बोतलें, प्रिंटिंग मशीनें, रंग मिलाने वाले एजेंट और अन्य उपकरण शामिल थे।
पुलिस ने कहा कि इस कार्रवाई के कारण बड़े पैमाने पर इस नकली लुब्रिकेंट ऑयल को बाजार में फैलने को रोका गया। पुलिस ने कहा इस रैकेट में शामिल आपूर्तिकर्ता, परिवहनकर्ता और अन्य सहयोगियों का पता लगाने के लिए मामले में जांच जारी है।
भाषा प्रचेता