गोवा नाइटक्लब अग्निकांड: लूथरा बंधु थाईलैंड से प्रत्यर्पित, पुलिस हिरासत में लिया गया
आशीष दिलीप
- 16 Dec 2025, 07:09 PM
- Updated: 07:09 PM
(फोटो सहित)
नयी दिल्ली, 16 दिसंबर (भाषा) गोवा के ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब के सह-मालिकों गौरव लूथरा और सौरभ लूथरा को थाईलैंड से प्रत्यर्पित किए जाने के बाद मंगलवार को दिल्ली पहुंचते ही गिरफ्तार कर लिया गया।
इस नाइटक्लब में भीषण आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई थी।
उत्तरी गोवा के अरपोरा में ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब में आग लगने के 10 दिन बाद, दोनों भाई इंडिगो की उड़ान से दिल्ली लाए गए और उन्हें आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए तुरंत अधिकारियों के हवाले कर दिया गया।
गौरव (44) और सौरभ (40) को दिल्ली की एक अदालत में पेश किया जाएगा, जहां गोवा पुलिस उनकी ‘ट्रांजिट रिमांड’ का अनुरोध करेगी। हवाई अड्डे पर उनसे पूछताछ की गई, जहां औपचारिकताएं पूरी करने में कई घंटे लग गए।
उस विमान में कई पत्रकार और कैमरामैन यात्रा कर रहे थे। बैंकॉक से लूथरा बंधुओं पर नजर रखे एक टीवी रिपोर्टर ने विमान के अंदर वीडियो बनाने की कोशिश की, जिसके बाद विमानन कंपनी और साथ आए सुरक्षा अधिकारियों को दोनों को वहां से निकालने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल बुलाना पड़ा।
छह दिसंबर की घटना के बाद लूथरा बंधुओं के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। जांचकर्ताओं का आरोप है कि नाइटक्लब द्वारा अनिवार्य अग्नि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने के कारण यह घटना और भी गंभीर हो गई। इस घटना ने प्रबंधन द्वारा कथित अग्नि सुरक्षा उल्लंघनों और चूक पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
गौरव और सौरभ अपने नाइटक्लब में आग लगने के कुछ घंटों बाद, सात दिसंबर को तड़के फुकेत भाग गए, जिसके चलते इंटरपोल का ‘ब्लू कॉर्नर’ नोटिस जारी किया गया और उनके पासपोर्ट रद्द कर दिए गए।
भारत सरकार के अनुरोध के बाद 11 दिसंबर को थाईलैंड के अधिकारियों ने फुकेत में दोनों को हिरासत में ले लिया। भारत सरकार ने दोनों देशों के बीच कानूनी संधियों के तहत उन्हें निर्वासित करने के लिए थाईलैंड के अधिकारियों के साथ समन्वय किया।
दिल्ली की एक अदालत ने 11 दिसंबर को लूथरा बंधुओं की ट्रांजिट अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वंदना ने लूथरा बंधुओं के खिलाफ लगे आरोपों को "प्रथम दृष्टया गंभीर" बताया और उनके "आचरण" की कड़ी आलोचना की।
अदालत ने पुलिस जांच पर गौर किया कि लूथरा बंधुओं ने आग लगने के एक घंटे बाद फुकेट के लिए टिकट बुक कर लिए थे। शुरुआत में इस तथ्य को उनके वकील ने गिरफ्तारी से संरक्षण का अनुरोध करते समय छिपाया था। न्यायाधीश ने कहा कि घटना के तुरंत बाद वहां से चले जाना "कानूनी प्रक्रिया से बचने" का स्पष्ट प्रयास था।
भाषा आशीष