विशाखापत्तनम जासूसी मामला: एनआईए अदालत ने दो और आरोपियों को दोषी करार दिया, अब तक कुल 10 दोषी
धीरज नेत्रपाल
- 15 Dec 2025, 10:36 PM
- Updated: 10:36 PM
नयी दिल्ली, 15 दिसंबर (भाषा) राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) मामलों की एक विशेष अदालत ने पाकिस्तान के लिए विशाखापत्तनम में जासूसी करने के मामले में दो और आरोपियों को कारावास की सजा सुनाई है। एनआईए ने यह जानकारी दी।
इससे पहले, एनआई की विशेष अदालत ने इसी मामले में आठ आरोपियों को सजा सुनाई थी। अब तक इस मामले में दोषी करार दिए गए आरोपियों की कुल संख्या 10 हो गई है।
विशाखापत्तनम की विशेष एनआईए अदालत ने महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के सोमनाथ संजय इकडे और उत्तर प्रदेश के हाथरस के सोनू कुमार को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 18 और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम की धारा तीन के तहत क्रमशः पांच साल, 11 महीने और 15 दिन के साधारण कारावास की सजा सुनाई।
एनआईए ने बताया कि अदालत ने दोनों दोषियों पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है और कहा है कि जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में उन्हें एक साल के अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी।
इकडे और कुमार को क्रमशः दिसंबर 2019 में कर्नाटक के कारवार और आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से गिरफ्तार किया गया था।
एनआईए ने एक बयान में कहा, ‘‘इस मामले में अब तक दोषी ठहराए गए लोगों की कुल संख्या 10 हो गई है। मामले में गिरफ्तार किए गए शेष पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चल रहा है।’’
यह मामला दिसंबर 2019 में विजयवाड़ा स्थित खुफिया विभाग के काउंटर इंटेलिजेंस पुलिस थाना से एनआईए को स्थानांतरित किया गया था। यह मामला विदेशी जासूसों और एजेंट द्वारा महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और भारतीय नौसेना के प्रतिष्ठानों में जासूसी करने से संबंधित है।
एनआईए ने जून 2020 में 14 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया, जिसके बाद मार्च 2021 में एक और आरोपी के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दायर किया गया।
बयान में कहा गया, ‘‘भारत की एकता, अखंडता, सुरक्षा और संप्रभुता को प्रभावित करने के उद्देश्य से की गई जासूसी के पीछे की पूरी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए एनआईए के प्रयासों के तहत जांच जारी है।’’
यह मामला सबसे पहले 2021 में तब सामने आया, जब आंध्र प्रदेश की ‘काउंटर इंटेलिजेंस सेल’ ने 12 जनवरी को भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी (आपराधिक साजिश) और 121ए (राज्य के खिलाफ कुछ अपराध करने की साजिश), यूएपीए की धारा 17 और 18 और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम की धारा तीन के तहत मामला दर्ज किया।
भाषा धीरज