कोलकाता में मेस्सी के कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन में भारी चूक हुई: प्रत्यक्षदर्शी
शुभम पारुल
- 15 Dec 2025, 10:33 PM
- Updated: 10:33 PM
कोलकाता, 15 दिसंबर (भाषा) सोशल मीडिया और टेलीविजन चैनलों पर प्रसारित प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों, वीडियो और तस्वीरों से मिले नये विवरण कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में अर्जेंटीना के मशहूर फुटबॉल खिलाड़ी लियोनेल मेस्सी के कार्यक्रम के दौरान गंभीर सुरक्षा चूक और भीड़ प्रबंधन में खामियों की ओर इशारा करते हैं, जिससे योजना और समन्वय पर सवाल उठते हैं।
मैदान के पास मौजूद कई प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मेस्सी शनिवार को पूर्वाह्न लगभग 11:30 बजे एथलेटिक ट्रैक के पास अपनी गाड़ी से बाहर निकलने के कुछ ही पल बाद स्पष्ट रूप से असहज दिखाई दिए।
फुटबॉल विश्व कप विजेता टीम के कप्तान के चारों ओर आयोजकों, नेताओं, फोटोग्राफर और अन्य लोगों का एक बड़ा समूह कथित तौर पर जमा हो गया, जो बार-बार सेल्फी और ऑटोग्राफ लेने की कोशिश कर रहा था, जिससे धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि हंगामे के दौरान उरुग्वे के स्ट्राइकर लुइस सुआरेज को एक अति उत्साही व्यक्ति ने पेट में कोहनी मार दी, जबकि अर्जेंटीना के मिडफील्डर रोड्रिगो डी पॉल के हाथ पर किसी के नाखून की खरोंच लग गई।
खिलाड़ियों को खतरे का आभास होते हुए, सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत मेस्सी, सुआरेज और डी पॉल को मैदान से बाहर ले जाने का फैसला किया, जिससे प्रशंसकों के साथ उनकी निर्धारित बातचीत अधूरी रह गई।
ये विवरण प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही, सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा की गई तस्वीरों और वीडियो क्लिप पर आधारित हैं, जिन्हें समाचार चैनलों ने प्रसारित किया है। हालांकि, 'पीटीआई भाषा' वीडियो और तस्वीरों की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है।
स्टेडियम के अंदर मौजूद पूर्व फुटबॉलर रहीम नबी ने कहा कि खिलाड़ियों के आसपास की स्थिति लगातार असहज होती जा रही थी।
नबी ने एक समाचार चैनल को बताया, “कई लोग मेस्सी, सुआरेज और डी पॉल के बहुत करीब आ गए थे, यहां तक कि उनकी गर्दन तक पहुंच गए थे। कुछ मिनट बाद मेस्सी ने अपनी निजी सुरक्षा टीम से बात की और मैदान छोड़ दिया। दूर से ही स्पष्ट था कि वह भीड़ के व्यवहार से असहज थे।”
पूर्व फुटबॉल खिलाड़ी और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक रह चुके दीपेंदु बिस्वास ने कहा कि शुरू में उम्मीद की जा रही थी कि मेस्सी एक प्रतीकात्मक पेनल्टी किक के लिए गोलपोस्ट की ओर बढ़ेंगे।
बिस्वास ने कहा, “मेस्सी गोलपोस्ट की ओर आ रहे थे और हममें से कुछ लोग भी वहां चले गए। सेल्फी लेने के लिए आगे बढ़ते लोगों के समूह को देखकर वह चौंक गए और फिर उन्हें मैदान से दूर ले जाया गया। सब कुछ बहुत अचानक हुआ।”
सत्तारूढ़ तृणमूल के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने इस घटना को राज्य के लिए “बेहद शर्मनाक” बताया।
रॉय ने कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। इससे बंगाल और बंगालियों की छवि खराब हो रही है। मेस्सी अर्जेंटीना से इतनी दूर आए, लेकिन कुछ अति उत्साही लोगों की वजह से कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर चले जाने को मजबूर हो गए। भारी कीमत पर टिकट खरीदने वाले दर्शक स्वाभाविक रूप से निराश हुए।”
तृणमूल विधायक मनोरंजन व्यापारी ने कहा कि तथाकथित वीवीआईपी जिस तरह से मेस्सी के चारों ओर जमा हुए, उन्हें गले लगाया और सेल्फी ली, वह “शर्मनाक” था।
उन्होंने कहा, “क्या वरिष्ठ नेताओं या तथाकथित वीवीआईपी को इस तरह से व्यवहार करना चाहिए? हम सभी ने देखा कि उनमें से कुछ उनके साथ सेल्फी लेने के लिए कितने बेताब थे।”
भाषा
शुभम