सुरजेवाला का एसआईआर पर तीखा हमला
अविनाश सुरेश
- 15 Dec 2025, 09:31 PM
- Updated: 09:31 PM
नयी दिल्ली, 15 दिसंबर (भाषा) कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने मतदाता सूची के विशेष गहन परीक्षण (एसआईआर) की निर्वाचन आयोग की कवायद पर सोमवार को तीखा हमला किया और कहा कि अगर कोई तंत्र षडयंत्र से चुन-चुनकर मतदाताओं को मतदाता सूची से हटा दे, तो यह लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है।
चुनाव सुधारों पर राज्यसभा में हुई चर्चा में सुरजेवाला ने निर्वाचन आयोग को ‘जेबी’ (पॉकेट) आयोग करार दिया और कहा कि बीआर आंबेडकर स्पष्ट रूप से चाहते थे कि चुनाव निकाय कार्यपालिका के अधीन न हो और मतदान का अधिकार मौलिक अधिकार होना चाहिए।
उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं के खातों में हजारों करोड़ रुपये के अंतरण पर निर्वाचन आयोग की चुप्पी को लेकर भी सवाल उठाया।
सुरजेवाला ने कहा, ‘‘जो निर्वाचन आयोग निष्पक्षता से ‘वोटर लिस्ट’ (मतदाता सूची) भी नहीं बना सकता, ऐसे ‘जेबी’ चुनाव आयोग को एक दिन भी अपने पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वोटर केवल सूची में छपा एक नाम नहीं है। वोटर चुनावी न्याय व नतीजों का असली चेहरा है। अगर कोई तंत्र बदनीयति और षडयंत्र से चुन-चुनकर मतदाता को ही मतदाता सूची से हटा दे तो यह लोकतंत्र के कफन में आखिरी कील होगी।’’
कांग्रेस सदस्य ने कहा कि मौजूदा कानून को खत्म कर मुख्य निर्वाचन आयुक्त व निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्तियों की कमिटी का पुनर्गठन हो, जिसमें प्रधानमंत्री, भारत के प्रधान न्यायाधीश तथा लोकसभा व राज्यसभा में विपक्ष के नेता हों।
उन्होंने चुनाव मतपत्रों से कराए जाने की मांग की और कहा कि इसमें किसी दल या व्यक्ति को ऐतराज नहीं होना चाहिए।
सुरजेवाला ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों एवं जागरुक नागरिकों-संगठनों को मतदाता सूची चुनाव से तीन महीना पहले उपलब्ध करवाई जाए। चुनाव से तीन महीना पहले ही नए वोटर जोड़ने और सूची से काटने की प्रक्रिया को बंद कर दिया जाए।
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भाजपा सदस्य कविता पाटीदार ने कहा कि जनादेश भाजपा के साथ है, जो दर्शाता है कि चुनाव सुधार सही हैं।
उन्होंने 'एक राष्ट्र एक चुनाव' का आह्वान किया और कहा कि 1957, 1962 और 1967 में राज्य और केंद्र के चुनाव एक साथ हुए थे।
तृणमूल कांग्रेस सदस्य ममता ठाकुर, झामुमो के सरफराज अहमद और बीजद के निरंजन बिशी ने भी चर्चा में भाग लिया।
भाषा अविनाश