उत्तराखंड में पीआरडी जवानों के लिए विशिष्ट प्रशिक्षण संस्थान बनेगा: मुख्यमंत्री धामी
दीप्ति शोभना
- 11 Dec 2025, 09:42 PM
- Updated: 09:42 PM
देहरादून, 11 दिसंबर (भाषा) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बृहस्पतिवार को प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों के लिए एक विशिष्ट प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने यह घोषणा यहां पीआरडी के स्थापना दिवस पर आयोजित रैतिक परेड का निरीक्षण करने के बाद की।
धामी ने यह भी कहा कि अब ड्यूटी के दौरान उपचार के लिए चिकित्सालय में भर्ती होने की स्थिति में पीआरडी जवानों को ड्यूटी पर ही माना जाएगा और उन्हें अधिकतम छह माह का मानदेय प्रदान किया जाएगा ।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ पीआरडी जवान, धैर्य, समर्पण और अदम्य इच्छाशक्ति के साथ प्रदेश में सुरक्षा, जनसेवा, यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने, लिपिकीय कार्यों और विभिन्न विभागीय दायित्वों, प्राकृतिक आपदाओं, चार धाम यात्रा आदि में अपना योगदान दे रहे हैं ।’’
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पीआरडी जवानों के कल्याण के लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य के गठन के समय पीआरडी जवानों को मिलने वाले 65 रुपये प्रतिदिन भत्ते को 10 गुना बढ़ाकर 650 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है।
धामी ने कहा कि पीआरडी जवानों के आश्रित बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है जबकि राज्य सरकार ने अब तक मृत जवानों के आश्रितों एवं घायल जवानों को 70 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 वर्ष की सेवा पूर्ण करने के बाद सेवानिवृत्त हुए पीआरडी जवानों को 18 लाख रुपये का एकमुश्त सेवा-भत्ता भी प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि साम्प्रदायिक दंगों में ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर परिवार को मिलने वाली राशि को एक लाख रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये किया गया है जबकि पीआरडी जवान की अति- संवेदनशील ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर देय राशि 75 हजार रुपये से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये कर दी गयी है। सामान्य ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने की दशा में मिलने वाली राशि को भी 50 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये किया गया है ।
उन्होंने कहा कि 2023 में राज्य सरकार ने मृत एवं अपंग जवानों के आश्रितों को पीआरडी जवान के रूप में पंजीकृत करना प्रारंभ किया था और अब तक पंजीकृत 190 आश्रितों में से 133 को रोजगार प्रदान भी किया जा चुका है ।
प्रदेश की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि वर्तमान में 7500 से अधिक पीआरडी जवान प्रदेश में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
भाषा दीप्ति