सरकारी संस्थानों को खत्म करने की साजिश, भारत की आत्मा पर आघात है : राहुल
रंजन
- 11 Dec 2025, 06:37 PM
- Updated: 06:37 PM
नयी दिल्ली, 11 दिसंबर (भाषा) लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि सरकारी संस्थानों को खत्म करने की गहरी साजिश के तहत उनकी स्थिति खराब की जा रही है, जो भारत की आत्मा पर आघात है।
कांग्रेस नेता ने भारत प्रतिरक्षा और जैविक निगम लिमिटेड (बीआईबीसीओएल) के कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात का वीडियो साझा करते हुए कहा कि राजग सरकार की निजीकरण की नीति भारत के लिए बहुत बड़ा अभिशाप बन गया है।
उत्तर प्रदेश के रायबरेली से सांसद राहुल गांधी ने अपने अपने व्हाट्सएप चैनल पर पोस्ट किया, ‘‘सरकारी संस्थाओं का दमन और उनका निजीकरण आज राजग सरकार की सबसे बड़ी गलती है, और यह भारत के लिए एक बहुत बड़ा अभिशाप बन गया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अभी कुछ दिनों पहले जनसंसद में भारत प्रतिरक्षा और जैविक निगम लिमिटेड (बीआईबीसीओएल) के कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात हुई। उन्होंने जो हालात बताए, वो सुनकर आप सिर्फ हैरान नहीं होंगे, स्तब्ध रह जाएंगे।’’
राहुल गांधी ने दावा किया कि इस सरकारी कंपनी के कर्मचारियों को वर्षों से वेतन नहीं मिला है तथा घर का खर्च चलाने के लिए वे कर्ज, उधार आदि पर निर्भर हैं।
उन्होंने कहा कि यह वही बीआईबीसीओएल है, जो भारत में टीका बनाने वाली एकमात्र सरकारी कंपनी है, तथा जिसने पोलियो जैसी भयंकर बीमारी के उन्मूलन में ऐतिहासिक योगदान दिया।
कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके राहुल ने कहा, ‘‘सरकार को कम कीमत पर टीका उपलब्ध कराने और हर बच्चे तक उसकी पहुंच सुनिश्चित करने में इसकी भूमिका निर्णायक रही है। लेकिन 2017 तक मुनाफ़े में चल रही इस कंपनी को जानबूझकर, योजनाबद्ध तरीक़े से घाटे में बदल दिया गया।’’
उनका दावा है कि कंपनी को इस स्थिति में पहुंचाया गया ताकि सरकारी ठेका निजी कंपनियों को सौंपे जा सकें, निजी कंपनियां महंगे दाम पर टीका बेचकर भारी मुनाफा कमाएं, उसकी कीमत आपकी जेब से निकाली जाए और एक दिन बीआईबीसीओएल को “नुकसान” के नाम पर बंद कर इसकी संपत्ति मुफ्त या सस्ते दामों में पूंजीपति मित्रों में बांट दी जाए
उन्होंने कहा, ‘‘जानकारी होनी चाहिए कि बुलंदशहर में स्थित इस कंपनी की जमीन और संपत्ति काफी महंगी है, खास कर जेवर हवाई अड्डे की घोषणा होने के बाद, उसके पास होने के कारण इसकी कीमत आसमान छू रही है।’’
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘कर्मचारियों की आर्थिक पीड़ा सरकार से साझा की है। उनके द्वारा आश्वासन दिया गया है कि कर्मचारियों का लंबित वेतन और बकाया जल्द भुगतान किया जाएगा।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी संस्थानों को धीरे-धीरे खत्म करने की यह साजिश बहुत गहरी है, और यह भारत के भविष्य के लिए बेहद नुकसानदेह है।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘ये संस्थान जनता के हित के लिए बनाए गए थे - युवाओं को रोज़गार देने और आपको सस्ती, भरोसेमंद सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए। आज इन्हें ही बीमार बनाकर निजी हाथों में सौंपा जा रहा है। यह सिर्फ़ “निजीकरण” नहीं है, यह जनता की जेब पर हमला है, और भारत की आत्मा पर आघात है।’’
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