कांग्रेस ने चुनाव लड़ने के लिए सरकारी निधि की वकालत की
सुरेश माधव
- 10 Dec 2025, 06:18 PM
- Updated: 06:18 PM
नयी दिल्ली, 10 दिसंबर (भाषा) कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) लिबरेशन सहित विभिन्न विपक्षी दलों ने निर्वाचन आयोग के कामकाज पर सवाल खड़े करते हुए मतदाता सूची के विशेष गहन परीक्षण (एसआईआर) पर रोक लगाने की बुधवार को मांग की।
कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने चुनाव लड़ने के लिए जहां सरकारी निधि की व्यवस्था पर जोर दिया वहीं भाकपा (माले) लिबरेशन के सुदामा प्रसाद ने बिहार विधानसभा के लिए हाल ही में हुए चुनावों की संपूर्ण प्रक्रिया रद्द करने की मांग की।
सिंह ने एसआईआर के तहत मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप लगाया। उन्होंने चुनाव में बेतहाशा पैसों के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने के लिए सरकारी खर्चे पर चुनाव लड़ने की व्यवस्था किये जाने की आवश्यकता जताई।
उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 324 के अनुसार चुनाव आयोग निष्पक्ष होना चाहिए था, लेकिन यह ‘ब्लैक बॉक्स’ बनकर रह गया है।
उन्होंने एसआईआर की प्रक्रिया समाप्त करने और मतदान के दौरान तैयार सीसीटीवी फुटेज देखने का कानूनी अधिकार देने की वकालत की।
भाकपा (माले) लिबरेशन के सुदामा प्रसाद ने बिहार में चुनाव के दौरान बांटी गयी राशि को गैर-कानूनी करार देते हुए कहा कि बिहार में चुनावी धांधली करके राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की जीत सुनिश्चित की गयी।
उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा के लिए हाल ही में हुए चुनावों को रद्द किया जाना चाहिए।
रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के एन. के. प्रेमचंद्रन ने कहा कि देश में केवल स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव आयोग ही जरूरी नहीं है, बल्कि चुनावी नैतिक मूल्यों को भी कायम रखना आवश्यक है।
उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आरोपों का ‘उपयुक्त’ जवाब न देने को लेकर निर्वाचन आयुक्त की आलोचना की। उन्होंने कहा कि आयोग का कृत्य और भूमिका वैध नहीं है।
निर्दलीय राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने कहा कि बिहार में एसआईआर के तहत जो वोट कटे हैं, उनमें 99 प्रतिशत निचली और पिछड़ी जाति के लोग हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में घुसपैठियों की मौजूदगी का ढोल पीटने वाले सत्तारूढ़ गठबंधन को एक भी आदमी ऐसा नहीं मिला जो रोहिंग्या हों। निर्दलीय सांसद ने कहा कि केवल नफरत फैलाने के लिए घुसपैठिये का मुद्दा उठाया।
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की सांसद हरसिमरत सिंह कौर बादल ने कहा कि निर्वाचन आयोग को स्वतंत्र निष्पक्ष होना चाहिए। उन्होंने पंजाब में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के ‘सुपर सीएम’ निभाने का मुद्दा उठाया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अभिजीत गंगोपाध्याय और जनता दल (सेक्युलर) के एम. मल्लेश बाबू ने एसआईआर का समर्थन किया।
भाषा सुरेश