मलकानगिरि हिंसा: तनाव व्याप्त, सरकार ने इंटरनेट सेवा निलंबन अवधि बढ़ाई
राजकुमार नेत्रपाल
- 09 Dec 2025, 08:42 PM
- Updated: 08:42 PM
भुवनेश्वर/मलकानगिरि, नौ दिसंबर (भाषा) ओडिशा सरकार ने कोरकुंडा थानाक्षेत्र में एक आदिवासी महिला का सिर विहीन शव बरामद होने के बाद दो गांवों के निवासियों के बीच झड़प से उत्पन्न तनाव के मद्देनजर मलकानगिरि जिले में इंटरनेट सेवा के निलंबन की अवधि बढ़ा दी है।
अधिकारियों ने बताया कि दोनों गांवों में लगाई गई निषेधाज्ञा अभी जारी है।
उन्होंने कहा कि 51 वर्षीय महिला का शव पोस्टमॉर्टम के बाद परिवार के सदस्यों ने दफना दिया, लेकिन सिर अभी तक नहीं मिला है।
सरकारी अधिसूचना में कहा गया, ‘‘मलकानगिरि के जिलाधिकारी के अनुरोध के अनुसार, गृह विभाग ने जिले में व्हाट्सऐप, फेसबुक, एक्स तथा इंटरनेट और डेटा सेवाओं के अन्य माध्यमों जैसे सोशल मीडिया मंचों के उपयोग और पहुंच पर प्रतिबंध को 10 दिसंबर की रात 12 बजे तक 18 घंटे के लिए बढ़ा दिया है।’’
अधिसूचना में कहा गया कि यह आदेश बैंकिंग और रेलवे के अलावा सरकारी इंटरनेट और इंट्रानेट आधारित सेवाओं पर लागू नहीं होगा।
इससे पहले, इंटरनेट पर प्रतिबंध मंगलवार शाम छह बजे तक के लिए था।
मलकानगिरि से मिली रिपोर्ट के अनुसार, जिला प्रशासन ने राखेलगुडा गांव की लेक पदियामी (51) का सिर विहीन शव सौंप दिया है। वह एक दिसंबर को लापता हो गई थी और चार दिसंबर को उसका धड़ गांव के पास एक नदी किनारे मिला था।
प्रशासन के अनुसार, महिला के शव को आदिवासी परंपराओं के अनुसार राखेलगुडा गांव में दफनाया गया। मलकानगिरि के ज़िलाधिकारी सोमेश कुमार उपाध्याय और पुलिस अधीक्षक विनोद पाटिल ने दफ़नाने की प्रक्रिया की निगरानी की।
दक्षिणी संभाग के राजस्व संभागीय आयुक्त (आरडीसी) संग्राम केशरी महापात्रा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘यहां स्थिति सामान्य है। प्रशासन पहले ही आंदोलनकारी आदिवासियों और प्रभावित बंगाली प्रवासियों के साथ दो दौर की बातचीत कर चुका है। हम एक और दौर की बातचीत करेंगे।’’
मलकानगिरि के एसडीपीओ दिव्य रंजन दलाई ने कहा, ‘‘परिवार के सदस्य शुरू में शव लेने के लिए अनिच्छुक थे और हत्या में शामिल अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे, लेकिन अंततः परामर्श के बाद वे सहमत हो गए।’’
उन्होंने बताया कि मृतक के परिवार को अंतिम संस्कार के लिए 30,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
उपाध्याय ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से चार लाख रुपये दिए जाएंगे। स्थिति नियंत्रण में है और कोरकुंडा थानाक्षेत्र के दोनों गांवों में हिंसा की कोई नयी घटना नहीं हुई है।’’
रविवार दोपहर उस समय झड़प हुई जब राखलगुडा गांव के आदिवासियों ने कोरकुंडा सदर थानाक्षेत्र की बंगाली बस्ती एमवी-26 गांव पर कथित तौर पर हमला कर दिया।
भाषा राजकुमार