नौसेना ने केरल तट पर युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया
जितेंद्र नरेश
- 03 Dec 2025, 07:16 PM
- Updated: 07:16 PM
(कुणाल दत्त)
तिरुवनंतपुरम, तीन दिसंबर (भाषा) भारतीय नौसेना ने बुधवार को यहां शंगुमुघम तट पर एक अभियान के तहत अपनी समुद्री शक्ति और बहु-क्षेत्रीय युद्ध क्षमताओं का प्रदर्शन किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नौसेना दिवस समारोह के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में शामिल हुईं।
नौसेना के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत, एक पनडुब्बी, चार नौकाएं और लड़ाकू जेट, निगरानी विमान और हेलीकॉप्टर सहित 32 विमान और 19 प्रमुख युद्धक पोत इस अभियान का हिस्सा हैं।
आईएनएस विक्रांत के क्षितिज पार करते ही तालियों की गड़गड़ाहट से वातावरण गूंज उठा और एक मिग-29 विमान ने उसके डेक से उड़ान भरी।
नौसेना ने अपने अत्याधुनिक अग्रिम पंक्ति के ‘फ्रिगेट’ और ‘मिसाइल कॉर्वेट’ का प्रदर्शन किया।
‘फ्रिगेट’, एक मध्यम आकार की युद्धपोत (नौका) होती है जिन्हें तेज़ गति और फ़ुरती से दिशा बदलने की दृष्टि से निर्मित किया जाता है।
इन जहाजों में कोलकाता श्रेणी के विध्वंसक आईएनएस कोलकाता, आईएनएस इम्फाल और नीलगिरि श्रेणी के ‘फ्रिगेट’ आईएनएस उदयगिरि शामिल थे।
इन विमानों में एमएच-60आर भी शामिल था जिसने सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति का स्वागत करने के लिए आकाश में गोले दागे। चार डोर्नियर विमान ‘बम ब्लास्ट फार्मेशन’ में आकाश में उड़ते रहे।
समुद्र में एक पोत पर नौसेना के विशिष्ट मरीन कमांडो को उतार कर समुद्री डकैती-रोधी और बंधक बचाव अभियान का अभ्यास किया गया।
भारतीय नौसेना के प्रवक्ता कैप्टन विवेक मधवाल ने यहां ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “ यह अभियानगत प्रदर्शन सभी आयामों में संचालित आधुनिक नौसेना प्लेटफार्म को एक साथ लाता है जो समुद्र, हवा, पानी के नीचे और जमीन पर नौसेना की अभियान क्षमता और युद्ध क्षमताओं का प्रदर्शन करता है।”
इससे पहले, केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी की उपस्थिति में हवाई अड्डे के तकनीकी क्षेत्र में मुर्मू का स्वागत किया।
तकनीकी क्षेत्र में मुर्मू को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया और साथ ही प्रमुख विध्वंसक आईएनएस कोलकाता ने उन्हें तोपों की सलामी दी।
भाषा जितेंद्र