लंबित केंद्रीय बकाया को लेकर तृणमूल सांसदों का संसद परिसर में प्रदर्शन
मनीषा वैभव
- 03 Dec 2025, 04:18 PM
- Updated: 04:18 PM
नयी दिल्ली, तीन दिसम्बर (भाषा) पश्चिम बंगाल के लिए लंबित केंद्रीय बकाया राशि दिए जाने की मांग को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसदों ने बुधवार को संसद परिसर में प्रदर्शन किया।
तृणमूल सांसद संसद परिसर में प्रेरणा स्थल स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास एकत्र हुए। वे बैनर और तख्तियां लिए हुए थे, जिन पर लिखा था कि केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल की दो लाख करोड़ रुपये की देनदार है।
इसके बाद तृणमूल सदस्यों ने संसद भवन की ओर मार्च किया और इस मुद्दे पर नारेबाजी की।
तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सदस्य महुआ मोइत्रा ने कहा, ‘‘यह प्रदर्शन संघीय ढांचे के पूरी तरह चरमराने और इस तथ्य को लेकर था कि पश्चिम बंगाल को मनरेगा की बकाया राशि पिछले चार वर्ष से नहीं दी गई है—न तो किए गए कार्यों की राशि दी गई है और न ही नए कार्यों के लिए। केंद्र के पास हमारे राज्य की मनरेगा मद की 7,000-8,000 करोड़ रुपये से अधिक राशि बकाया है।’’
उन्होंने कहा कि केंद्र ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भी धन जारी नहीं किया है।
मोइत्रा ने कहा, ‘‘तीसरा मुद्दा जल जीवन मिशन का है, जिसे हर घर को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की प्रधानमंत्री की महत्वपूर्ण परियोजना बताया गया था। 2024 में इस मिशन की अवधि समाप्त हो गयी और उसके बाद इसे नवीनीकृत नहीं किया गया। पाइप आधे-अधूरे पड़े हैं।’’
एक पोस्ट में तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल की दो लाख करोड़ रुपये की देनदार है।
पोस्ट में कहा गया, ‘‘बंगाल के हक का पैसा उसे मिलना चाहिए! बांग्ला विरोधी नरेन्द्र मोदी सरकार ने हमारे लोगों का दो लाख करोड़ रुपया रोक रखा है। लेकिन आज, संसद में गांधी जी की प्रतिमा के सामने, हमारे सांसद अन्याय के खिलाफ एकजुट स्वर में खड़े हुए।’’
तृणमूल कांग्रेस ने कहा, ‘‘बंगाल न झुकेगा, न रुकेगा। और हमारे लोगों के हक के हर एक रुपये को हम वापस लेकर रहेंगे।’’
यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ जब एक दिन पहले ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पसवान ने लोकसभा को सूचित किया था कि केंद्र द्वारा जारी निर्देशों के लगातार उल्लंघन के चलते महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 (मनरेगा) के तहत पश्चिम बंगाल को धनराशि का निर्गम 9 मार्च, 2022 से धारा 27 के प्रावधानों का उपयोग करते हुए रोक दिया गया है।
भाषा मनीषा