डीटीसी 17 अंतरराज्यीय मार्गों के लिए किराए पर ले सकती है बसें, दिल्ली-धारूहेड़ा मार्ग पर चलेगी बस
जितेंद्र माधव
- 19 Nov 2025, 05:51 PM
- Updated: 05:51 PM
नयी दिल्ली, 19 नवंबर (भाषा) दिल्ली सरकार अयोध्या व ऋषिकेश जैसे लंबे मार्गों के लिए बसें किराए पर लेने की योजना बना रही है। साथ ही अगले महीने दिल्ली से हरियाणा के धारूहेड़ा तक तीसरा अंतरराज्यीय बस मार्ग शुरू करने की तैयारी में जुटी है।
दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) पहले ही दिल्ली से बड़ौत (उत्तर प्रदेश) और दिल्ली से सोनीपत (हरियाणा) मार्ग पर अंतरराज्यीय बस सेवाएं शुरू कर चुका है।
एक अधिकारी ने बताया, “हमारा लक्ष्य हर महीने एक मार्ग पर सेवा शुरू करना है। सरकार पहले से ही इन दोनों मार्ग पर इलेक्ट्रिक बसें चला रही है। अगले महीने, हमारी योजना दिल्ली से हरियाणा के धारूहेड़ा तक तीसरा मार्ग (पर सेवा) शुरू करने की है।”
उन्होंने बताया कि इस संबंध में संबंधित हितधारकों के साथ बैठकें हो चुकी हैं।
अधिकारी ने बताया, “इस मार्ग पर इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी। ये सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन और जीपीएस से लैस हैं। यात्रियों के लिए सुबह और शाम के समय कुल 12 फेरे रोजाना होंगे।”
डीटीसी ने इस साल की शुरुआत में 17 मार्ग पर 100 इलेक्ट्रिक अंतरराज्यीय बसें चलाने की योजना को मंजूरी दी थी।
अधिकारी ने इस योजना के अगले चरण के बारे में बताया कि सभी मार्ग पर इलेक्ट्रिक बसों के इस्तेमाल की शुरुआती योजना में संशोधन किया गया है।
अगले चरण में लंबी दूरी के मार्ग पर बसें चलाई जाएंगी।
अधिकारी ने बताया, “चार्जिंग स्टेशनों की कमी के कारण दूर-दराज के इलाकों में इलेक्ट्रिक बसें चलाना संभव नहीं है। हम बसों को चालक दल सहित (वेट-लीज) मॉडल पर चलाने की योजना बना रहे हैं, जिसमें एक ‘कंसेसियनार’ हमारे लिए बसों का संचालन करेगा। बसें बीएस-छह मानकों के अनुरूप होंगी।”
वेट-लीव मॉडल में पट्टा देने वाला पक्ष वाहन, चालक और रखरखाव की सेवा पट्टा लेने वाले पक्ष को प्रदान करता है।
उन्होंने बताया कि डीटीसी फिलहाल बसों के संचालन के लिए एक रियायती दरों पर काम करने वाली एक कंपनी की तलाश कर रही है और समझौता होने के बाद राजस्व-साझाकरण मॉडल को अंतिम रूप दिया जाएगा।
डीटीसी ने अंतरराज्यीय सेवा के लिए 17 गंतव्यों को चुना है, जिनमें उत्तराखंड में ऋषिकेश, हरिद्वार व देहरादून, हरियाणा में पानीपत, उत्तर प्रदेश में अयोध्या, लखनऊ व मुरादाबाद और अमृतसर, चंडीगढ़ व जम्मू शामिल हैं।
भाषा जितेंद्र