दिल्ली:कॉलेजों में प्रवेश दिलाने का झांसा देकर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार
पारुल संतोष
- 29 Aug 2025, 05:13 PM
- Updated: 05:13 PM
नयी दिल्ली, 29 अगस्त (भाषा) दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी के प्रतिष्ठित कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में दाखिले के नाम पर ठगी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करके उसके दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से 1.34 करोड़ रुपये नकद बरामद किये हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश पाने के इच्छुक छात्रों के अभिभावकों को बड़ी संख्या में एसएमएस भेजकर ठगी की।
उन्होंने बताया कि आरोपी खुद को दिल्ली के प्रतिष्ठित कॉलेजों और विश्वविद्यालयों का प्रवेश सलाहकार बताते थे और प्रबंधन कोटे के तहत दाखिला दिलाने का झांसा देते थे।
पुलिस उपायुक्त (द्वारका) अंकित सिंह ने एक बयान में कहा, “गिरोह ने कथित तौर पर अपने कार्यालय बंद करने और गायब होने से पहले भारी रकम एकत्र की।”
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बीटेक स्नातक कुशाग्र श्रीवास्तव (35) और वाणिज्य स्नातक चिन्मय सिन्हा (32) के रूप में हुई है, जो गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके के निवासी हैं।
बयान के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की एक हेड कांस्टेबल की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के बाद जांच शुरू की गई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उसे एक एसएमएस मिला था, जिसमें उसके बेटे को गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय में प्रबंधन कोटे के तहत दाखिला दिलाने की पेशकश की गई थी।
बयान में कहा गया है कि एसएमएस में लावण्या नाम की एक महिला का संपर्क विवरण दिया गया था और उसका कार्यालय नेहरू प्लेस में बताया गया था।
बयान के अनुसार, “बातचीत के बाद, ठगों ने एक प्रतिष्ठित कॉलेज में दाखिला दिलाने के लिए कथित तौर पर 3.5 लाख रुपये की मांग की। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसने 29 जुलाई को उनके कार्यालय में 2.3 लाख रुपये का भुगतान किया, लेकिन आरोपियों ने अपने फोन बंद कर दिए और कुछ ही देर बाद परिसर खाली कर दिया।”
इसमें कहा गया है कि शिकायत के आधार पर 25 अगस्त को द्वारका के साइबर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया और आगे की जांच शुरू की गई।
बयान में कहा गया है, “प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इसी गिरोह के खिलाफ कालकाजी पुलिस थाने में पहले से ही 31 शिकायतें दर्ज हैं, जिन्हें बाद में आर्थिक अपराध शाखा को स्थानांतरित कर दिया गया।”
इसमें कहा गया है कि जांच में आरोपियों के इंदिरापुरम में होने की बात सामने आई, जहां छापेमारी के दौरान उन्हें गिरफ्तार करते हुए 1.34 करोड़ रुपये नकदी, छह महंगे मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और कई दस्तावेज बरामद किए गए।
भाषा पारुल