उत्तर प्रदेश बनेगा ‘इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण’ का वैश्विक केंद्र : योगी आदित्यनाथ
आनन्द रवि कांत अजय
- 26 Aug 2025, 08:48 PM
- Updated: 08:48 PM
लखनऊ, 26 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि राज्य ‘इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण’ का वैश्विक केंद्र बनेगा।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने के उद्देश्य से ‘उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कलपुर्जा विनिर्माण नीति-2025’ लागू करने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को इस संबंध में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग द्वारा तैयार प्रस्तावित नीति पर चर्चा की और आवश्यक दिशानिर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र भारत की अर्थव्यवस्था का सबसे तेज़ी से उभरता क्षेत्र है। आज भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता है, जिसमें उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत है।
उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्षों में प्रदेश ने औद्योगिक विकास की दिशा में ऐतिहासिक प्रगति की है। अब समय है कि उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में भी वैश्विक मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बनाए। यह नीति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ के संकल्प को मज़बूती देने के साथ-साथ राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2014-15 में देश में जहां मात्र 1.9 लाख करोड़ रुपये के इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद बनते थे, वहीं 2024-25 में यह आंकड़ा 11.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। मोबाइल उत्पादन 18 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 5.45 लाख करोड़ रुपये और मोबाइल निर्यात 1,500 करोड़ रुपये से बढ़कर दो लाख करोड़ रुपये हो गया है।
वित्त वर्ष 2023-24 में उत्तर प्रदेश से लगभग 37 हजार करोड़ रुपये का इलेक्ट्रॉनिक्स हार्डवेयर निर्यात किया गया।
बैठक में यह भी बताया गया कि प्रस्तावित नीति का लक्ष्य अगले पांच साल में 50 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य का इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन करना और लगभग 10 लाख प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करना है। इससे राज्य की एक हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में भी महत्त्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि निवेशक प्रदेश में रोजगार सृजित करता है और राज्य के युवाओं को वरीयता देता है तो उसे विशेष प्रोत्साहन दिया जाए। उन्होंने कहा कि निवेशकों को एकल खिड़की प्रणाली के माध्यम से सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
भाषा आनन्द रवि कांत