आईआईटी, खड़गपुर के छात्रावास में छात्र का शव फंदे से लटका मिला
योगेश रंजन
- 04 May 2025, 05:29 PM
- Updated: 05:29 PM
कोलकाता, चार मई (भाषा) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), खड़गपुर के छात्रावास के एक कमरे में रविवार को बीटेक (तृतीय वर्ष) के एक छात्र का शव फंदे से लटका मिला। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि मोहम्मद आसिफ कमर का शव आईआईटी, खड़गपुर परिसर के मदनमोहन मालवीय हॉल स्थित उसके छात्रावास के कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला।
संस्थान ने अपने बयान में कहा, "हमें यह बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि सिविल इंजीनियरिंग विभाग में तीसरे वर्ष के छात्र मोहम्मद आसिफ कमर का शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब दो बजकर 53 मिनट पर मौत हो गयी। आईआईटी खड़गपुर उनके असमय निधन पर शोक व्यक्त करता है।"
बयान में कहा गया है, "सुरक्षा आपातकालीन नंबर पर एक बाहरी स्रोत से कॉल आया कि मोहम्मद आसिफ कमर ने आत्महत्या कर ली है जिसके बाद सुरक्षा प्रतिक्रिया दल तुरंत पंडित मदन मोहन मालवीय हॉल ऑफ रेजिडेंस (पंडित मदन मोहन मालवीय हॉल) पहुंचा, जहां छात्र अपने कमरे में मृत पाया गया।"
बयान ने कह, "चिकित्सक, प्रशासन और पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची। कमर के परिवार से भी इस घटना के बारे में संपर्क किया गया।"
बयान में कहा गया है कि इस दुखद घटना के पीछे की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए पुलिस द्वारा जांच की जा रही है। संस्थान के अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रहा है।
संस्थान के एक अधिकारी ने पहले बताया था कि छात्रावास परिसर स्थित पुलिस चौकी को रविवार सुबह सूचना मिली, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने दरवाजा तोड़ा और उन्हें कमर का शव फंदे से लटका मिला।
कमर बिहार के शिवहर जिले का रहने वाला था। वह रविवार को अपने घर जाने वाला था।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मौत की पुष्टि की।
उन्होंने कहा कि पुलिस को कुछ सुराग मिले हैं और जांच जारी है।
उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला लगता है, लेकिन जांच जारी है।
संस्थान ने कहा, "आईआईटी खड़गपुर समुदाय हमारे छात्र कमर की दुखद मृत्यु पर शोक व्यक्त करने में एकजुट है। हम उनके परिवार और मित्रों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।"
संस्थान के प्रवक्ता ने कहा, "इस मुश्किल समय में हम उनके परिवार को हर संभव सहायता और समर्थन देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। हम सभी छात्रों से यह अपील करते हैं कि वे संस्थान में उपलब्ध 'कल्याणकारी सहायता सेवाओं' का पूरा लाभ उठाएं।"
भाषा योगेश