ओडिशा में शांतिपूर्ण माहौल में मना रामनवमी का त्योहार
धीरज नरेश
- 06 Apr 2025, 09:14 PM
- Updated: 09:14 PM
(तस्वीरों के साथ)
भुवनेश्वर, छह अप्रैल (भाषा)ओडिशा के बालासोर जिले के सोरो में चाकूबाजी की एक छिटपुट घटना को छोड़कर पूरे राज्य में रविवार को रामनवमी का त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हो गया।
पुलिस के मुताबिक एक व्यक्ति पर कुछ लोगों द्वारा चाकू से हमला किया गया जिससे उसके सिर और हाथ में चोटें आईं। उसने बताया कि घायल को सोरो के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सांप्रदायिक सद्भाव का प्रदर्शन करते हुए बालासोर के जिला मुख्यालय शहर में मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने रामनवमी जुलूस पर पुष्प वर्षा की।
इसके अलावा उन्होंने भाईचारे की मिसाल पेश करते हुए अरदा बाजार में जुलूस में शामिल लोगों को पानी की बोतलें बांटी।
एक मुस्लिम महिला ने कहा, ‘‘सालों से हिंदू और मुसलमान प्रमुख त्योहार मिलकर मनाते आ रहे हैं। केवल कुछ संकीर्ण सोच वाले लोग ही कभी-कभार अशांति पैदा करते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि दोनों समुदायों के बीच भाईचारा हमेशा बना रहेगा।’’
रामनवमी के अवसर पर संबलपुर, भुवनेश्वर, राजगांगपुर (सुंदरगढ़ जिला), भद्रक, मलकानगिरी, केंद्रपाड़ा और अन्य शहरों में बाइक रैलियां और शोभायात्राएं निकाली गईं।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कानून-व्यवस्था से जुड़ी किसी भी समस्या से बचने के लिए पूरे राज्य में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और ओडिशा पुलिस के जवानों की तैनाती की गई थी।
संबलपुर में 2023 में सांप्रदायिक झड़प हुयी थी। इसके मद्देनजर शहर में राज्य पुलिस, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों की 15 प्लाटून (एक प्लाटून में 30 जवान होते हैं) की तैनाती की गई थी। शहर में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए 113 सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
भद्रक जिले में 26 प्लाटून पुलिस बल तैनात किए गए, जबकि कटक शहर में 25 प्लाटून पुलिस बल तैनात किए गए। बालासोर और राज्य भर के अन्य संवेदनशील इलाकों में भी इसी तरह की व्यवस्था की गई।
ओडिशा के विभिन्न राम मंदिरों में हजारों श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की जबकि पुरी के जगन्नाथ मंदिर में विशेष अनुष्ठान किए गए।
भुवनेश्वर में भक्त श्री राम मंदिर में एकत्र हुए और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत जुलूस निकाला गया।
राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति भी रामनवमी के अवसर पर राम मंदिर जाकर पूजा अर्चना की।
भाषा धीरज