जांच प्रयोगशालाओं से संबंधित जनहित याचिका पर केंद्र, एनएबीएल से जवाब मांगा
अमित रंजन
- 08 Apr 2024, 04:59 PM
- Updated: 04:59 PM
नयी दिल्ली, आठ अप्रैल (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने कथित तौर पर अवैध रूप से रक्त और अन्य नमूने एकत्रित करने और झूठी मेडिकल रिपोर्ट जारी करने के लिए पैथोलॉजिकल प्रयोगशालाओं के खिलाफ कार्रवाई के अनुरोध वाली एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर केंद्र, दिल्ली सरकार और एनएबीएल से जवाब मांगा है।
जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि उनमें से कुछ के पास आवश्यक अनुमति नहीं है, कई के पास केवल संग्रह केंद्र है और कोई प्रयोगशाला नहीं।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति मनमीत पीएस अरोड़ा की पीठ ने केंद्र सरकार, राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल), दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो, दिल्ली पुलिस, कई पैथोलॉजिकल प्रयोगशालाओं और उनके वरिष्ठ पदाधिकारियों को नोटिस जारी किया।
उच्च न्यायालय ने मामले को 30 अप्रैल को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।
याचिकाकर्ता विपुल गोयल ने कथित तौर पर साजिश रचने और अवैध रूप से नमूने एकत्र करने और परीक्षण करने के लिए इन पैथोलॉजिकल लैब के खिलाफ जांच करने और उचित कार्रवाई करने के लिए अधिकारियों को अदालत से निर्देश देने का अनुरोध किया है।
याचिकाकर्ता की ओर से वकील राधिका गोयल पेश हुईं। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि झूठी मेडिकल रिपोर्ट जारी की जा रही हैं और इन प्रयोगशालाओं द्वारा लोगों को धोखा दिया जा रहा है, जिन्होंने 150 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की है।
एनएबीएल के वकील ने कहा कि उसने याचिका में उल्लिखित प्रयोगशालाओं में से एक को दी गई मान्यता पिछले साल वापस ले ली है। याचिका में दावा किया गया है कि इन प्रयोगशालाओं के पास उचित प्राधिकारियों से अपेक्षित अनुमति और मान्यता नहीं है।
उसने दावा किया, “प्रतिवादियों (प्रयोगशालाओं) ने खुद को एनएबीएल द्वारा मान्यता प्राप्त होने का विज्ञापन दिया है जो कि सरासर झूठ है। प्रतिवादियों ने जनता को गुमराह करके और धोखा देकर 150 करोड़ रुपये से अधिक एकत्र किए हैं।’’
याचिकाकर्ता ने कहा कि वह इनमें से कुछ प्रयोगशालाओं में अपनी जांच करवाता था। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि उसने कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को कई ईमेल और शिकायतें भेजी, लेकिन उन पर विचार नहीं किया गया।
भाषा अमित