अयोध्या मंदिर न्यास की बैठक बुधवार को, खाली पदों को भरने एवं अन्य मुद्दों पर होगा विचार-मंथन
राजकुमार
- 21 Jul 2026, 07:42 PM
- Updated: 07:42 PM
अयोध्या (उप्र), 21 जुलाई (भाषा) श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के सदस्य स्वामी परमानंद गिरि ने मंगलवार को कहा कि न्यास की बुधवार को होने वाली बैठक में न्यासियों के रिक्त पदों को भरने तथा अन्य मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
गिरि ने संवाददाताओं से कहा कि न्यास में खाली पदों को भरना होगा। उन्होंने कहा, ''जो भी अन्य मुद्दे आएंगे वह बैठक के दौरान ही पता चलेगा।''
कथित राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच विशेष अन्वेषण दल (एसआईटी) को सौंपने के संबंध में सोमवार को उच्चतम न्यायालय की टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर गिरि ने कहा कि न्यास पहले मौजूदा एसआईटी की रिपोर्ट का इंतजार करेगा।
उन्होंने कहा, '' (मौजूदा) एसआईटी की रिपोर्ट आने दीजिए। पहले इसकी जांच की जानी चाहिए और फिर भविष्य की कार्रवाई तय की जाएगी।''
मामले की जांच के लिए नई एसआईटी गठित किए जाने के उच्चतम न्यायालय के सुझाव के बारे में पूछे जाने पर गिरि ने इसकी जरूरत पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा, ''अगर वर्तमान एसआईटी को उचित नहीं माना गया तो दूसरी एसआईटी बनाने से भी कोई विशेष अंतर नहीं पड़ेगा।''
यह पूछे जाने पर कि क्या न्यासी के रिक्त पदों के लिए किसी नाम पर विचार किया जा रहा है, गिरि ने कहा कि अभी तक कोई चर्चा नहीं हुई है।
उन्होंने कहा, ''अभी कुछ नहीं है, लेकिन रिक्तियां भरी जानी हैं और जो भी निर्णय लिया जाना है उस पर कल की बैठक में चर्चा की जाएगी।''
गिरि ने यह भी कहा कि पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है तथा न्यास ने छह जुलाई को हुई अपनी पिछली बैठक के दौरान उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया था।
एक अन्य न्यासी दिनेंद्र दास के भी इस्तीफा दिए जाने की खबरों पर उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
न्यास की बुधवार को राम मंदिर परिसर में एक विशेष बैठक आयोजित करने वाला है, जिसके बाद मणिराम छावनी में इसकी नियमित बैठक होगी।
न्यास के सूत्रों के मुताबिक, बैठक एजेंडे में नए महासचिव की नियुक्ति, तीन खाली ट्रस्टी पदों को भरना और मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के लिए चयन प्रक्रिया को अंतिम रूप देना शामिल है।
सूत्रों ने बताया कि बैठक में कथित चढ़ावा चोरी मामले में उच्चतम न्यायालय के समक्ष सौंपी गई एसआईटी रिपोर्ट पर भी चर्चा हो सकती है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बाद पूर्व महासचिव चंपत राय और न्यासी अनिल मिश्रा के इस्तीफे और न्यासी बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा की मृत्यु के बाद रिक्तियां पैदा हुईं।
अयोध्या के राम मंदिर में कथित गबन का मामला जून में सामने आया था जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने एक एसआईटी का गठन किया था जिसकी रिपोर्ट के बाद आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
भाषा सं सलीम राजकुमार
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2107 1942 अयोध्या