तृणमूल सरकार के गिनती के दिन शेष बचे हैं: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
शफीक
- 18 Apr 2026, 07:16 PM
- Updated: 07:16 PM
कोलकाता, 18 अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने शनिवार को राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तंज कसते हुए उसे अब अप्रासंगिक करार दिया और कहा कि इस सरकार के केवल गिनती के दिन शेष हैं।
तृणमूल शासन पर लोकतंत्र को कुचलने और कानून-व्यवस्था को ध्वस्त करने का आरोप लगाते हुए भट्टाचार्य ने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में राजनीतिक हिंसा भयावह स्तर पर पहुंच गई है, जबकि पुलिस ने इसपर आंखें मूंद रखी हैं।
उन्होंने कहा, ''राज्य की जनता लोकतंत्र की बहाली चाहती है। पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से नदारद है, जहां 2021 के चुनाव के बाद तृणमूल ने भाजपा के 253 पदाधिकारियों की हत्या कर दी।''
भाजपा नेता ने आरोप लगाया, ''सैकड़ों महिलाओं से बलात्कार किए गए और उन्हें यातनाएं दी गईं। तृणमूल के 'गुंडों' द्वारा मचाई गई हिंसा लोकतंत्र पर हमला है।''
उन्होंने याद दिलाया कि 2011 में ममता बनर्जी ने 'लोकतंत्र की बहाली' के नारे के साथ वाम मोर्चे के 34 वर्ष के शासन का अंत किया था।
भट्टाचार्य ने कहा, "लेकिन इसके तुरंत बाद, उनकी पार्टी ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की गुंडागर्दी और बाहुबल को अपना लिया और अगले दो कार्यकाल तक आतंक का राज कायम किया। उन्होंने लोगों और विपक्षी दलों को डराने की कोशिश की, ताकि कोई भी उनके खिलाफ खड़ा न हो सके।''
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने तृणमूल पर 'हर बात का राजनीतिकरण' करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ताधारी पार्टी हर तरह से राज्यपाल के पद का अपमान कर रही है।
भाजपा के राज्यसभा सदस्य ने कहा, ''यह अभूतपूर्व है कि एक राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति ने राज्यपाल के फोन का जवाब नहीं दिया और कहा कि उन्हें सरकार की मंजूरी चाहिए। यह एक और सबूत है कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र गंभीर खतरे में है।''
उन्होंने कहा कि तृणमूल के सत्ता में आने के समय पश्चिम बंगाल पर 1.92 लाख करोड़ रुपये का कर्ज था, जो अब बढ़कर सात लाख करोड़ रुपये हो गया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि तृणमूल के 15 वर्षों के शासनकाल में 1,600 कंपनियां बंद हो गईं, जबकि 6,300 कंपनियों ने अपने मुख्यालय स्थानांतरित कर दिए।
उन्होंने कहा, ''बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट में मुख्यमंत्री के साथ तस्वीरें साझा करने वाले लोग यहां निवेश नहीं कर रहे हैं। सिंगूर और नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण आंदोलनों और टाटा मोटर्स के बंगाल छोड़ने से निवेशकों का भरोसा हिल गया है। भाजपा चुनाव जीतने के बाद निवेशकों का भरोसा बहाल करेगी।''
भट्टाचार्य ने कहा कि टीएमसी ने अन्य राज्यों में बांग्ला भाषी प्रवासियों पर हमले की 'झूठी कहानी' गढ़ते हुए अनजाने में बंगाल से योग्यता, पूंजी और श्रम के पलायन की पुष्टि कर दी है।
संसद में 2029 में महिलाओं को आरक्षण देने वाले संविधान संशोधन विधेयक को राजग द्वारा पारित न करा पाने पर टीएमसी और कांग्रेस की कड़ी आलोचना करते हुए भट्टाचार्य ने कहा, ''इन पार्टियों को याद रखना चाहिए कि महिलाएं राजनीतिक रूप से सबसे अधिक जागरूक हैं।''
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत 90 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, ''यदि किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम छूट जाता है तो निर्वाचन आयोग को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।''
भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में भट्टाचार्य ने कहा, ''हमारे पास अभी तक मुख्यमंत्री पद के लिए कोई चेहरा या मुखौटा नहीं है। लेकिन अगर भाजपा चुनाव जीतती है, तो मुख्यमंत्री बंगाल से ही कोई होगा, जैसा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा है।''
भाषा संतोष शफीक
शफीक
1804 1916 कोलकाता