उप्र पुलिस भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन 7.32 लाख अभ्यर्थी शामिल, नकल और फर्जीवाड़े पर कड़ी कार्रवाई
आनन्द रवि कांत
- 09 Jun 2026, 11:53 PM
- Updated: 11:53 PM
लखनऊ, नौ जून (भाषा) उत्तर प्रदेश में आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा के दूसरे दिन मंगलवार को 7.32 लाख से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए।
इस दौरान सरकार ने दावा किया कि भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह नकलविहीन और पारदर्शी बनाए रखने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं तथा नकल, प्रतिरूपण और भ्रामक प्रचार के मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए किए गए व्यापक प्रबंधों का प्रभाव दूसरे दिन भी देखने को मिला। प्रदेश के सभी 75 जिलों के 1,183 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के महानिदेशक एस.बी. शिरडकर ने बताया कि दोनों पालियों में कुल 9,62,833 अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए बुलाया गया था, जिनमें से 7,32,731 अभ्यर्थी उपस्थित हुए। परीक्षा में कुल उपस्थिति 76.10 प्रतिशत दर्ज की गई।
उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन, सीसीटीवी निगरानी, जांच, पहचान सत्यापन और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। इसके चलते विभिन्न जिलों में नकल, प्रतिरूपण और भ्रामक प्रचार के मामलों का समय रहते पता लगाकर संबंधित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
बयान के अनुसार, हरदोई के वेणी माधव विद्यापीठ इंटर कॉलेज में परीक्षा दे रहे अभ्यर्थी रोहित पथौरी को नकल के उद्देश्य से छिपाकर लाए गए मोबाइल फोन और पूर्व प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों के साथ पकड़ा गया।
उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है।
अलीगढ़ के धर्म समाज महाविद्यालय परीक्षा केंद्र पर एक व्यक्ति फर्जी आधार कार्ड के सहारे दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचा था। जांच में मामला सामने आने पर आरोपी और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया गया।
इसी प्रकार, मुजफ्फरनगर के डीएवी इंटर कॉलेज में भी एक व्यक्ति कूटरचित आधार कार्ड के जरिए दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देता पकड़ा गया। दोनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
कानपुर के सिद्दीकी फैज-ए-आम इंटर कॉलेज, मखनिया में दूसरी पाली की परीक्षा शुरू होने से पहले जांच के दौरान एक अभ्यर्थी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा केंद्र के भीतर ले जाने का प्रयास करते हुए पकड़ा गया। उससे पूछताछ की जा रही है और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
परीक्षा से संबंधित भ्रामक और तथ्यहीन वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के मामलों में भी पुलिस ने कार्रवाई की है। इंस्टाग्राम पर फर्जी वीडियो पोस्ट करने के आरोप में अमरोहा निवासी इंद्रजीत को गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
भर्ती बोर्ड ने यूट्यूब चैनल ''टारगेट सेलेक्शन'' द्वारा भर्ती परीक्षा को लेकर कथित रूप से भ्रामक और तथ्यहीन वीडियो प्रसारित किए जाने को भी गंभीरता से लिया है।
इस संबंध में लखनऊ के हुसैनगंज थाने में भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई है।
वहीं, अलीगढ़ के रतनप्रेम डीएवी बालिका इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर विकास कुमार नामक युवक को हरिओम कुमार के स्थान पर फर्जी आधार कार्ड के सहारे परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। उसके खिलाफ भी संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
भर्ती बोर्ड द्वारा जारी व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर पर प्राप्त शिकायत के आधार पर फेसबुक पर उपनिरीक्षक सीधी भर्ती-2025 से संबंधित कथित भ्रामक वीडियो प्रसारित करने वाले यूजर ''तनिष्क चौधरी'' के खिलाफ भी हुसैनगंज थाने में मामला दर्ज किया गया है।
इसके अतिरिक्त, इंस्टाग्राम आईडी ''इंद्रजीत गौतम 007'' से भर्ती परीक्षा के संबंध में कथित भ्रामक वीडियो पोस्ट किए जाने के मामले में आजमगढ़ के कोतवाली थाने में भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। बोर्ड के महानिदेशक ने कहा कि नकल, प्रतिरूपण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग अथवा सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने जैसी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
भाषा
आनन्द रवि कांत
0906 2353 लखनऊ