दिल्ली: काला जठेड़ी गिरोह के सदस्य बन कारोबारी से मांगी रंगदारी, दो गिरफ्तार
सुरेश
- 09 Jun 2026, 09:35 PM
- Updated: 09:35 PM
नयी दिल्ली, नौ जून (भाषा) दिल्ली पुलिस ने खुद को कुख्यात काला जठेड़ी गिरोह का सदस्य बताकर एक कारोबारी से रंगदारी मांगने और उसे जान से मारने की धमकी देने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की पहचान यमुनानगर निवासी राजन कालरा (26) और हरियाणा के जगाधरी निवासी साहिल गर्ग (38) के रूप में हुई है। अपराध में कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए तीन मोबाइल फोन उनसे बरामद किए गए हैं।
उत्तर पश्चिम दिल्ली की पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) आकांक्षा यादव ने बताया कि बवाना में प्लास्टिक ग्लू टेप बनाने का कारोबार करने वाले व्यवसायी रोहित जैन ने आदर्श नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय नंबरों से धमकी भरे फोन आ रहे हैं।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने स्वयं को हरियाणा के 'काला जठेड़ी' गिरोह का सदस्य बताया और पैसों की मांग की तथा मांग पूरी न होने पर जान से मारने सहित गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
जांच के दौरान, पुलिस को पता चला कि जैन का साहिल गर्ग के साथ एक व्यापारिक विवाद चल रहा था, जिसने पहले उनके खिलाफ धोखाधड़ी और लगभग 2.95 करोड़ रुपये का भुगतान न करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस के मुताबिक, धमकी देने वाले व्यक्ति ने यह भी दावा किया कि उक्त रकम की वसूली के लिए उसने साहिल गर्ग से 50 लाख रुपये की "टोकन राशि" ले रखी है। साथ ही यह भी धमकी दी कि यदि शिकायतकर्ता ने भुगतान नहीं किया तो उसकी हत्या कर दी जाएगी।
डीसीपी ने बताया कि रंगदारी और आपराधिक धमकी से संबंधित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की प्रासंगिक धाराओं के तहत सात जून को प्राथमिकी दर्ज की गई।
तकनीकी निगरानी और कॉल रिकॉर्ड के विश्लेषण के माध्यम से, जांचकर्ताओं ने यह स्थापित किया कि आरोपी धमकी देने के लिए अंतरराष्ट्रीय और भारतीय दोनों फोन नंबरों का उपयोग कर रहे हैं।
यादव ने बताया कि पुलिस दल ने हरियाणा के करनाल, जगाधरी और यमुनानगर में कई स्थानों पर छापेमारी की। उन्होंने बताया कि सबसे पहले राजन कालरा को पकड़ा गया और बाद में पूछताछ के बाद सह-आरोपी साहिल गर्ग को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
डीसीपी के मुताबिक, पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने रंगदारी के इस मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
उन्होंने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि उनका किसी भी गिरोह से कोई वास्तविक संबंध नहीं है और आरोपियों ने केवल शिकायतकर्ता को भयभीत कर उससे धन उगाही करने के उद्देश्य से 'काला जठेड़ी गिरोह' के नाम का दुरुपयोग किया था।
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