यूटी सलाहकार ने स्कूली बच्चों के लिए ‘स्व च्छता के रंग’ रंगीन पुस्तक का विमोचन किया

चंडीगढ़ अब बच्चे नयी कलरिंग पुस्तक स्वच्छता के रंग के ज़रिये शहर को साफ़ रखने की अच्छी गतिविधियों के बारे सीखेंगे। बच्चों में मिशन स्वच्छ चंडीगढ़ के बारे जागरूकता पैदा करने के लिए नगर निगम चंडीगढ़ ने साफ़-सफ़ाई सम्बन्धी एक रंगीन पुस्तक जारी की है।

प्रशासक यू.टी, चंडीगढ़ के सलाहकार श्री धर्मपाल, आई.ए.एस, ने आज गृह सचिव श्री नितिन कुमार यादव, आई.ए.एस, कमिशनर, एम.सी.सी. श्रीमती अनिन्दिता मित्रा, आई.ए.एस, सचिव शिक्षा श्री एस.एस.गिल्ल, और चंडीगढ़ प्रशासन केे अन्य अधिकारियों की हाज़िरी में औपचारिक तौर पर 20 पृष्टों की रंगीन पुस्तक स्वच्छता के रंग का विमोचन किया।

रंगीन पुस्तक के बारे विस्तार में जानकारी देते हुए सलाहकार ने कहा कि स्वच्छता के रंग पुस्तक में कार्टूनों के ज़रिये स्रोत पर ही कूड़ा-कर्कट को अलग-अलग करने के साथ-साथ ठोस अवशेष प्रबंधन और आम सफ़ाई सम्बन्धी संदेश दिया गया है।

उन्होंने कहा कि नौजवान और विद्यार्थी किसी भी सामाजिक परिवर्तन के लिए सबसे बड़ा माध्यम हैं और रंगारंग पुस्तक का मकसद उनके साथ एक नवीनताकारी ढंग से जुड़ना और स्वच्छता का संदेश फैलाना है। रंगीन पुस्तक का मकसद बच्चों को उनके घरों, स्कूलों, आस-पड़ोस और अंत में अपने शहर की सफ़ाई के लिए कदम उठाने के लिए प्रेरित करना हैै। उन्होंने कहा कि यह पहलकदमी स्वच्छ भारत को ‘जनांदोलन’ बनाने की दिशा में मिशन स्वच्छ चंडीगढ़ को और बढ़ावा देगी।

सलाहकार ने सचिव, शिक्षा चंडीगढ़ को इस पुस्तक को स्कूली सिलेबस में शामिल करने के लिए नीति बनाने के लिए कहा जिससे बच्चों को स्वच्छ भारत मिशन में अलग तरीकेे से शामिल किया जा सके। उन्होंने कहा कि स्वच्छता मिशन को सफल बनाने के लिए समाज के हर वर्ग की हिस्सेदारी ज़रूरी है और रंगारंग पुस्तकें जारी करके नौजवानों और बच्चों को इस मिशन के प्रति जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

कार्टूनों का विवरण स्कूली बच्चों को स्वच्छ भारत मिशन के हर पहलू के बारे जागरूक करने के लिए तैयार किया गया है जिसमें आकर्षक टैग लाईनों जैसे कि डू योर बीट, डू नॉट स्पिट, आपने गृह को शानदार बनाओ, प्लास्टिक का प्रयोग करो बंद, साफ-स्वच्छ जीवन जीओ और धरती को हरा-भरा बनाओ, डौंट बी मीन, कीप यूयर सिटी क्लीन, यदि आप सड़कों को बढ़िया बनाना चाहते हो, तो कूड़ा न फैलाओ, दीवार पर पेशाब न करो, वाशरूम स्टाल का प्रयोग करें, पानी एक अनमोल ख़ज़ाना, इसको संभाल कर रखो, बाहर शैच करने में कोई गर्व वाली बात नहीं, शहर को साफ़ सुथरा रखने के लिए कूड़ा अलग-अलग करो, कागज, प्लास्टिक और गत्ते सुखा कूड़ा हैं, सब्जियों के छिलके, इस्तेमाल की गई चायपत्ती, फल और बचा भोजन गीला कूड़ा है और बैटरियां, पेंट और काँच सभी ख़तरनाक पदार्थ हैं, आदि शामिल की गई हैं।

सलाहकार ने कहा कि नगर निगम चंडीगढ़ की यह पहलकदमी स्वच्छ भारत को ‘जनांदोलन ’ बनाने की दिशा में मिशन स्वच्छ चंडीगढ़ को और बढ़ावा देगी और स्कूली बच्चों को इस मुहिम के संकल्प के बारे जागरूक करने के लिए अहम साबित होगी।

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