महिला विश्व कप क्वार्टर फाइनल में कोरिया के खिलाफ प्रबल दावेदार के रूप में उतरेगा भारत

पोटचेफस्ट्रूम टूर्नामेंट में अब तब अजेय रही आत्मविश्वास से भरी भारतीय टीम शुक्रवार को यहां जूनियर महिला हॉकी विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में कम रैंकिंग वाले दक्षिण कोरिया के खिलाफ जीत की प्रबल दावेदार के रूप में उतरेगी।
भारत पूल डी में तीन मैच में तीन जीत से अधिकतम नौ अंक जुटाकर शीर्ष पर रहा। भारत ने वेल्स (5-1), जर्मनी (2-1) और मलेशिया (4-0) को शिकस्त दी। टीम ने इस दौरान 11 गोल किए जबकि उसके खिलाफ सिर्फ दो गोल हुए।
दूसरी तरफ कोरिया की टीम ग्रुप सी में सिर्फ तीन अंक के साथ बेहतर गोल अंतर के कारण दूसरे स्थान पर रही।
कोरिया के पूल में अर्जेन्टीना की टीम अधिकतम नौ अंक जुटाकर शीर्ष पर रही। उरूग्वे और आस्ट्रिया के कोरिया के समान तीन अंक रहे लेकिन बेहतर गोल अंतर के कारण एशियाई टीम ने बाजी मार ली।
भारतीय टीम में कप्तान सलीमा टेटे के अलावा स्ट्राइकर शर्मिला देवी और लालरेमसियामी के रूप में तीन ओलंपियन शामिल हैं जो टीम का पलड़ा भारी करती हैं।
सलीमा ने अब तक शानदार प्रदर्शन करते हुए अग्रिम पंक्ति के लिए कई मौके बनाए हैं जबकि शर्मिला और लालरेमसियामी भी उम्मीदों पर खरी उतरी हैं।
टूर्नामेंट में अब तक भारत की स्टार हालांकि युवा स्ट्राइकर मुमताज खान रही हैं जिन्होंने मलेशिया के खिलाफ हैट्रिक सहित अब तक पांच गोल किए हैं।
मुमताज के अलावा लालरेमसियामी और लालरिंडिकी ने तीन मैच में दो-दो गोल किए हैं जबकि संगीता कुमारी और ड्रैग फ्लिकर दीपिका के नाम एक-एक गोल दर्ज है।
भारतीय कप्तान सलीमा हालांकि कोरिया को हलके में नहीं ले रही हैं।
सलीमा ने कहा, ‘‘हमारे पास तेज गति से खेलने वाली खिलाड़ी हैं। हम उन्हें हराना चाहते हैं लेकिन कोरिया की टीम अच्छी है और हमें एक टीम के रूप में उनके खिलाफ खेलना होगा।’’
दिन के अन्य क्वार्टर फाइनल में नीदरलैंड का सामना दक्षिण अफ्रीका से होगा जबकि इंग्लैंड की टीम अमेरिका से भिड़ेगी। अर्जेन्टीना को जर्मनी का सामना करना है।
जूनियर महिला विश्व कप का आयोजन पिछले साल दिसंबर में होना था लेकिन दक्षिण अफ्रीका में कोविड-19 के ओमिक्रोन प्रारूप के खतरे के कारण इसे स्थगित कर दिया गया।
जूनियर विश्व कप में चार बार हिस्सा लेने वाले भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2013 में रहा था जब टीम ने कांस्य पदक जीता। भारत पिछले टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाया था।
भाषा

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