चिन्मयानंद पर आरोप लगाने वाली छात्रा से जेल में मिलीं वृंदा करात

शाहजहांपुर, 26 सितंबर पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री चिन्मयानंद पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली छात्रा से बृहस्पतिवार को माकपा नेता वृंदा करात ने जेल में मुलाकात की।
छात्रा से मुलाकात के बाद वृंदा ने आरोप लगाया कि प्रशासन, पुलिस और जांच एजेंसी सत्ता के दबाव में काम कर रही है।
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (एडवा) की अध्यक्ष और माकपा नेता वृंदा करात ने संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया ‘‘उत्तर प्रदेश में कानून नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। चिन्मयानंद के खिलाफ पीड़िता ने दिल्ली पुलिस को 12 पेज का प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी जिसे दिल्ली पुलिस ने अगले दिन ही जांच कर रहे विशेष जांच दल के पास भेज दिया। उसके बाद भी पीड़िता की रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की गई ।’’
उन्होंने कहा ‘‘एसआईटी ने मामला दर्ज नहीं किया और पीड़िता के पिता की ओर से चिन्मयानंद के खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमे में हल्की 376 सी की धारा लगा दी तथा पीड़िता को ही जेल भेज दिया। यह कहां का इंसाफ है ? एसआईटी ने जिस तरह से पीड़िता को उसके घर से गिरफ्तार किया, वह निंदनीय है ।’’
करात ने आरोप लगाया कि सत्ता के दबाव में आरोपी चिन्मयानंद को बचाने के लिए पीड़िता पर मुकदमा लिखा गया जबकि उसके मुकदमे को तोड़ मरोड़ कर धाराएं लगाई गईं ।
उन्होंने कहा कि एक साल के अंदर भाजपा में दो बड़े मामले हो चुके हैं, पहला उन्नाव में कुलदीप सिंह सेंगर का तथा दूसरा भाजपा के ही चिन्मयानंद का ।
करात ने प्रदेश सरकार को आगाह किया कि वह बलात्कार के आरोपियों को सहारा देना और पीड़िता के परिवार को तंग करना बंद करे।
इससे पूर्व एडवा की पदाधिकारियों ने एक ज्ञापन एसआईटी टीम के मुखिया नवीन अरोड़ा के नाम दिया। ज्ञापन में कहा गया है कि पीड़िता का महत्वपूर्ण प्रमाण चश्मा गायब कर दिया गया है जिसमें रिकॉर्डिंग करने का यंत्र है। यह प्रमाण हॉस्टल में पीड़िता के कमरे में था। इस हॉस्टल को एसआईटी की निगरानी में ही सील किया गया । इससे साबित होता है कि प्रमाण को हटाने या नष्ट करने में कालेज के प्रशासन भी शामिल होगा। लेकिन उन पर कोई आरोप एसआईटी ने नहीं लगाया है जबकि यह गंभीर अपराध है।
ज्ञापन में आगे कहा गया है कि प्रमाण गायब होने के लिए एसआईटी ने पीड़िता को ही जिम्मेदार मान लिया जबकि उसका महत्वपूर्ण प्रमाण नष्ट करने के आरोप में कालेज प्रशासन और आरोपी के विरुद्ध धारा 201 के तहत रिपोर्ट दर्ज होनी चाहिए ।
वृंदा करात के साथ एडवा की सुभाषिनी अली, सीमा कटिहार, सुधा सिंह, नीलम तिवारी, मालती यादव आदि थीं ।
एडवा की सदस्यों ने सुबह जेल जाकर पीड़िता से मुलाकात की। उनका कहना है कि पीड़िता बहुत ही डरी और सहमी हुई है ।
/ भाषा /

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